गोहाना में काकोरी के शहीदों की याद में लगाई गई त्रि- दिवसीय “साम्प्रदायिक सौहार्द प्रदर्शनी” का हुआ समापन

गोहाना : आज 19 दिसम्बर : काकोरी के शहीदों की याद में लगाई गई त्रि दिवसीय “साम्प्रदायिक सौहार्द प्रदर्शनी ” का समापन हुआ | समापन के समय श्री राजेन्द्र मेहरा, ( एस. डी. ओ. कृषि विभाग ) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए. मंच के वरिष्ठ नेता नरेश विरोधिया विशेष रूप से उपस्थित हुए | समापन के अवसर पर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की प्रसिद्ध ग़ज़ल, सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है को गाया गया | इस अवसर पर जनसंघर्ष मंच के प्रमुख सलाहकार एवं प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ सी डी शर्मा ने आयोजन को सफ़लता पूर्वक लगाने के लिए मंच के कार्यकर्ताओं रघुवीर विरोधिया, रमेश सैनी, प्रदीप त्यागी, अशोक नई बस्ती, रामनिवास मेहरा, जगमहेंदर, शांति देवी, वीरमति चहल, इंद्रावती, सूरजभान चहल, विकास कुमार सतपाल एल टी, सुनीता त्यागी, अश्वनी कश्यप, सेवा राम, मास्टर रमेश आदि का धन्यवाद किया |उन्होंने कहा की काकोरी की घटना भारत के क्रांतिकारी इतिहास में बहुत महत्व रखती है | 17 दिसंबर 1927 को राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को दो दिन पहले गोंडा जेल में फांसी दी गई जबकि रामप्रसाद बिस्मिल को 19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल में ठाकुर रोशन सिंह को इलाहाबाद जेल में तथा अशफाक उल्ला खान को फैजाबाद जेल में फांसी दी गई थी इन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी शासन का खजाना जो लखनऊ रेलवे स्टेशन से रेल में ले जाया जा रहा था काकोरी नामक स्टेशन पर लूट कर अंग्रेजों को सीधी चुनौती दी थी | इस घटना के बाद अंग्रेजों ने भारत के क्रांतिकारियों का सफाया करने के लिए उनको अनेक प्रकार की सजा दी जिनमें से इन चार क्रांतिकारियों को फांसी की सजा हुई. तीसरे दिन इस प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोहाना, हरियाणा पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोहाना,राजकीय उच्च विद्यालय बरोदा ठुठान, जवाहरलाल नेहरू वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोहाना मंडी के सैकड़ो अध्यापक एवं विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा काकोरी की घटना को दर्शाती हुई वृत्त चित्र को भी दिखाया गया |



