देशभक्ति की अनूठी मिसाल थे राजेंद्र नाथ लाहिडी : रमेश मेहता

गोहाना :17 दिसंबर : गोहाना की पुरानी सब्जी मंडी के नजदीक ड्रेन नंबर 8 पर स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद पार्क में राजेंद्र नाथ लाहिड़ी के 97 वे बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया | जिसमें मुख्य वक्ता पार्क सुधार समिति के पूर्व अध्यक्ष मास्टर रमेश मेहता ने कहा राजेंद्र नाथ लाहिड़ी देशभक्ति की अनूठी मिसाल थे | उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य को मिट्टी में मिलाने की कसम खाई थी | जिससे अंग्रेज उनके नाम से बहुत खौफ खाते थे | उन्होंने काकोरी स्टेशन से जब ट्रेन चली तो उन्होंने खजाना लूटने के लिए चेन खींच दी | इस कांड में उनको 4 अप्रैल 1927 को सजा मौत की सजा सुनाई गई | श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की उन्होंने कहा राजेंद्र नाथ नाहिद लाहिडी अंग्रेजों के होश उड़ाने वाले क्रांतिकारी थे | काकोरी कांड में उनको 19 दिसंबर को फांसी दी जानी थी लेकिन क्रांतिकारियों के डर के कारण 17 दिसंबर 1927 को गोंडा जेल में फांसी दे दी गई | श्रद्धांजलि समारोह में राम कुमार प्रजापत, सुरेश फौजी, रमेश शर्मा, कश्मीरी बावा, साईदास, नंदलाल, पाले राम कश्यप, सतनारायण, मेहरचंद, सुरेंद्र, राजेंद्र, जगदीश आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे |



