भारतीय सैनिकों के शौर्य और साहस की वीर गाथा है विजय दिवस : आजाद डांगी

गोहाना :16 दिसंबर : गोहाना के गुड्डा रोड स्थित वार्ड नंबर 16 में आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के तत्वाधान में भूतपूर्व सैनिकों ने 53 वा राष्ट्रीय विजय दिवस मनाया | जिसमें मुख्य वक्ता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि भारत में हर साल 16 दिसंबर को राष्ट्रीय विजय दिवस मनाया जाता है | विजय दिवस भारतीय सैनिकों के शौर्य और साहस की वीर गाथा है | यह वह दिन है जब भारतीय सैनिकों ने अपनी वीरता और साहस से पाकिस्तान के 93000 हजार सैनिकों को घुटनों पर ला दिया था और पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी | विजय दिवस समारोह की अध्यक्षता भूतपूर्व सैनिक सूबेदार धर्मवीर मलिक ने की, उन्होंने कहा कि यह वह दिन है जब पूरे विश्व ने भारतीय सैनिकों के शौर्य को सलाम किया था और पाकिस्तानी जनरल नियाजी ने अपना रिवाल्वर भारतीय कमांडर जंग जीत सिंह अरोड़ा के हवाले कर दिया और पाकिस्तान के 93000 सैनिकों ने आत्म समर्पण कर दिया था | मंच का संचालन सतबीर पोडिया ने किया इस मौके पर हवलदार ईश्वर सिंह, हवलदार महावीर भारद्वाज, हवलदार रामकुमार मलिक, दफेदार अनूप सिंह, सूबेदार रामकुमार तोपखाना, सूबेदार श्री कृष्ण, हवलदार रणबीर मलिक, खेमचंद प्रजापति, राजकुमार नरवाल, धर्मवीर भावड, राजेंद्र देशवाल, प्रकाश तथा बृजेश कुमार आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे |



