जीवन जीने की कला है गीता का ज्ञान :आजाद डांगी।

गोहाना :11 दिसंबर : गोहाना के रोहतक रोड स्थित भगवान परशुराम आश्रम में गीता जयंती मनाई गई | जिसमें मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहां द्वापर युग में महाभारत काल के समय इस दिन जब भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया तो उसे सुनकर सारा संसार ज्ञान के प्रकाश से जगमगाने लगा था | हमें गीता के ज्ञान को अपने जीवन में उतरना चाहिए | गीता का ज्ञान जीवन जीने की कला सिखाता है | कार्यक्रम की अध्यक्षता आश्रम के संचालक सुभाष शर्मा ने की उन्होंने कहा गीता में आत्मा, परमात्मा, भक्ति, कर्म, जीवन आदि का पूर्ण रूप से वर्णन किया गया है | डॉक्टर सुरेश सेतिया ने कहा हमें अपने काम और कर्म पर ध्यान देना चाहिए साथ ही कर्म करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हम जो भी कार्य कर रहे हैं उसका फल परमपिता परमात्मा की कृपा से हमें निश्चित ही प्राप्त होगा | डॉक्टर समुद्र दास ने कहा गीता की शिक्षाएं व्यक्ति और परिवारों को समृद्ध और जीवन जीने में मदद करती हैं | जो हमें बहुत लाभ पहुंचाती है |इस मौके पर मास्टर रमेश मेहता, रामनिवास पांचाल, सुरेश पवार, सतबीर पोडिया, मंजीत प्रजापति, अशोक आर्य, राजपाल कश्यप, राजेंद्र पांचाल तथा दलवीर प्रजापति आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे |



