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मध्यकालीन भारत के महान संत थे नरसी भगत : डॉक्टर समुद्र दास

 

गोहाना :-8 दिसंबर : गढी सराय नामदार खां स्थित अंबेडकर चौपाल में नरसी भगत की जयंती व बोद्ध दिवस मनाया गया इसमें मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के प्रदेश प्रचार मंत्री अध्यात्म में पी एच डी डॉक्टर समुंदर दास महाराज ने कहा नरसी भगत मध्यकालीन भारत के महान संत थे संत बनने से पहले वह एक बहुत बड़े सेठ थे | वे उसे समय के 56 करोड़ की संपत्ति के मालिक थे परंतु कंजूस बहुत थे वह एक चवन्नी भी दान नहीं करते थे | उस समय उनके नाम की हुण्डी चलती थी | लेकिन परमात्मा ने ऐसे चमत्कार दिखाएं कि उन्होंने अपनी सारी संपत्ति दान धर्म में लगा दी और उन्हें समझ आ गया की भौतिक धन तो नाशवान है उन्हें सच्ची भक्ति की महता का ज्ञान हुआ और भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त बन गए कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की उन्होंने महात्मा बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा सिद्धार्थ गौतम ने अपने राजसी ठाठ बाठ व राज महल को त्याग कर 8 साल तक कठोर तपस्या की और आज के दिन बिहार के गया में बौद्धी वृक्ष के नीचे उन्हें परम ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना की इस मौके पर रोहतास अहलावत, रमेश सैनी, सुनील प्रजापति, सतीश, राज सिंह ,वजीर, बलबीर, करतार सिंह, सतबीर, राकेश, तिलकराज, रामचंद्र तथा दयानंद आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे |

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