अंग्रेज थरथर कांपते थे महारानी लक्ष्मीबाई से : आजाद डांगी

गोहाना :19 नवंबर : गोहाना के महम रोड स्थित गांधीनगर की रविदास चौपाल में झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई की 96 वी जयंती मनाई गई | जिसमें मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि झांसी की महारानी इतनी साहसी और निर्भीक और बहादुर थी उनके नाम से अंग्रेज थर थर कांपते थे रानी लक्ष्मी बाई के जीवन से हमें देश के लिए मर मिटने, स्वाभिमान से जीने, विपत्तियों से न घबराने ,साहस, दृढ़ निश्चय ,नारी अबला नहीं सबला है जैसी प्रेरणा मिलती है | 19 नवंबर 1828 को उनका जन्म हुआ था | जयंती समारोह की अध्यक्षता समाजसेवी सरोज देवी ने की उन्होंने कहा 1857 की क्रांति की सबसे बड़ी नायिका और झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई का नाम वीरता की श्रेणी में सबसे ऊपर है | वे ग्वालियर में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ती हुई शहीद हो गई थी | जयंती समारोह में सतवीर पोडिया, धर्मवीर बामनिया, ब्रह्म दत्त राठी, दीपक पोडिया, सुनीता, सुशीला, ओम्पति, राजबाला, लक्ष्मी, सविता ,राखी, सुनहरी तथा सरोज आदि मुख्य रूप से मौजूद थे |



