करतार सिंह सराभा मात्र 19 साल की उम्र में वतन पर मर मिटे थे : पौडिया

गोहाना :-16 नवम्बर : गोहाना के पुराने बस स्टैंड स्थित शहीद स्मारक पर आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के तत्वावधान में करतार सिंह सराभा के 109वें शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया । समाजसेवी सतबीर पौडिया ने शनिवार को श्रद्धांजलि कार्यकर्म को संबोधित करते हुए यह खुलासा किया कि जिस समय करतार सिंह सराभा देश को आजाद करवाने के लिए वतन पर मर मिटे थे, उस समय उनकी उम्र केवल 19 साल थी । पौडिया ने कहा कि करतार सिंह सराभा जिस समय गदर पार्टी के सदस्य बने, तब वह 15 ही साल के थे।
इस समारोह की अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। आजाद सिंह दांगी ने कहा कि अंग्रेज हुकूमत ने करतार सिंह सराभा को 23 साथियों समेत 13 सितंबर 1915 को फांसी की सजा सुनाई थी। उन सब की सम्पत्ति को कुर्क करने के आदेश भी दिए गए थे। करतार सिंह सराभा और उनके सहयोगियों को 16 नवंबर 1915 को गदर करने के आरोप में शूली पर टांग दिया गया था ।
श्रद्धांजलि समारोह में जगबीर कुंडू, अनूप फौजी, रमेश डागर, बलवान पांचाल, कश्मीरी लाल बावा आदि भी पहुंचे।



