दुनिया के पहले शिल्पीकार, इंजीनियर और वास्तुकार थे भगवान विश्वकर्मा : आजाद सिंह डांगी

गोहाना :-1 नवम्बर : गोहाना के महम रोड स्थित भगवान विश्वकर्मा चौक में अखिल भारतीय विश्वकर्मा विराट संघ और आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के तत्वाधान में भगवान विश्वकर्मा जयंती समारोह मनाया गया | अखिल भारतीय विश्वकर्मा विराट संघ के प्रदेश अध्यक्ष और आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने शुक्रवार को कहा कि भगवान विश्वकर्मा दुनिया के सर्वप्रथम इंजीनियर और वास्तुकार थे ।
आजाद सिंह दांगी जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता अंबेडकर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह दहिया ने की। दांगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के देवता माने जाते हैं। उन्होंने रावण की लंका, भगवान कृष्ण की द्वारका और महाभारत कालीन शहर इंद्रप्रस्थ का निर्माण किया। जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया, उन्होंने उसे सजाने और संवारने का काम भगवान विश्वकर्मा को ही सौंपा था ।
मनजीत सिंह दहिया ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा ने भगवान कृष्ण के चक्र, रावण का पुष्पक विमान, कर्ण के कुंडल, भगवान शिव के त्रिशूल और यमराज के दंड का निर्माण किया। उन्होंने इंद्रपुरी, यमपुरी, वरुणपुरी, कुबेरपुरी, सुदामा पुरी, शिव मंगल पुरी आदि का भी निर्माण किया।
इस अवसर पर अशोक जांगड़ा, समेराम धीमान, मुखत्यार सिंह दांगी, भाना राम पांचाल, कृष्ण लाल पांचाल, राजवीर मेहरा, जगदीश पटवा आदि भी मौजूद रहे।



