लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर आयोजित जिला स्तरीय रन फॉर यूनिटी को कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने दिखाई हरी झंडी
रन फोर यूनिटी में युवाओं के साथ दौड़ते हुए कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा के साथ सोनीपत विधायक निखिल मदान व गन्नौर विधायक देवेन्द्र कादियान ने शहरवासियों को दिया एकता का संदेश

सरदार पटेल ने 562 रियासतों का एकीकरण करके अखंड भारत का किया नव-निर्माण : कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा
कहा, प्रधानमंत्री ने धारा – 370 व 35-ए को समाप्त करके जम्मू एवं कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाकर सरदार वल्लभभाई पटेल को दी सच्ची श्रद्धांजलि
वल्लभ भाई पटेल ने रखी थी किसानों व कमेरे वर्ग के विकास के लिए सहकारिता स्वरूप की नींव
राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए सरदार पटेल का सदैव ऋणी रहेगा देश -विधायक निखिल मदान
नवभारत के निर्माण में सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान अतुलनीय-विधायक देवेन्द्र कादियान
युवा पीढ़ी देश के महापुरूषों को बनायें अपना आदर्श-उपायुक्त डा. मनोज कुमार
राष्ट्रीय एकता की शपथ
सोनीपत : 31 अक्टूबर : देश के प्रथम गृह मंत्री और लौह पुरूष सरकार वल्लभभाई पटेल की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित रन फॉर यूनिटी मैराथन को सहकारिता मंत्री डॉ.अरविंद शर्मा ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान युवाओं के साथ दौड़ते हुए सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, सोनीपत विधायक निखिल मदन व गन्नौर से विधायक देवेंद्र कादियान ने शहरवासियों को एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को शत्-शत् नमन करते हुए उपस्थित युवाओं को आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय एकता दिवस पर यह संकल्प लें कि वे देश के विकास में अपना योगदान करते हुए देश को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल उच्च कोटि के राजनेता और प्रशासनिक व्यक्ति थे। उनके जीवन से हमें जानने को मिलता है कि उनका जीवन सदैव देश के हित और देश के लोगों की समस्याओं के समाधान करने के लिए समर्पित रहा, ताकि आने वाली पीढिय़ां खुली हवा में साँस ले सकें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई, वहीं आजादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोने का अतुलनीय कार्य भी किया |
उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ, तो उस समय देश कई छोटी-बड़ी रियासतों में बंटा था। उस समय सरदार पटेल ने अपनी सूझबूझ से 562 रियासतों का एकीकरण कर एकता के सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ तो एक ओर आजादी का जश्न मनाया जा रहा था तो दूसरी ओर लाखों लोग घर से बेघर हो रहे थे। कई क्रांतिवीरों ने इस देश की आजादी के लिए स्वयं को कुर्बान किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 और 35- ए के कारण वहां के लोग पीड़ित थे, क्योंकि वहां विकास नहीं हो पा रहा था। इतना ही नहीं, देश भी ये दंश झेल रहा था। लंबे समय तक जम्मू एवं कश्मीर देश का अंग नहीं बन पाया। यह बड़ी विडंबना थी कि भारत में 2 संविधान, 2 निशान और 2 प्रधान थे। ये कैसी स्वतंत्रता थी। लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रूप में भारत को ऐसा प्रधानमंत्री मिला, जिन्होंने धारा – 370 और 35-ए को समाप्त कर जम्मू एवं कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाकर पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोया। ये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरदार वल्लभभाई पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि थी।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल एक किसान परिवार से थे तो उन्होंने हमेशा किसानों और कमेरे वर्ग के विकास के लिए कार्य किया। उन्होंने ही देश में किसानों और कमेरे वर्ग के लिए सहकारिता की नींव रखी थी ताकि हमारा किसान व कमेरा वर्ग आगे बढ़ सके। उन्होंने उपस्थित सभी को आह्वान किया कि गुजरात के केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जीवन में एक बार जरूर देखकर आए। वल्लभभाई पटेल की इस प्रतिमा से हमें एकता के साथ जीवन में आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है।
इस मौके पर सोनीपत विधायक निखिल मदान ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जो योगदान दिया, उसके लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का देश की आजादी में विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि हम कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक एकता के सूत्र में बंधे हुए हैं। स्वतंत्रता के उपरांत छोटी-बड़ी रियासतों को जोडकऱ भारत के अधीन लाने का पूरा श्रेय सरदार पटेल को ही जाता है। उन्होंने अपनी बुद्धि व अनुभव का इस्तेमाल करते हुए सभी को एकता के सूत्र में बांधा। उनके इसी योगदान के चलते उनकी जयंती देशभर में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। उनका जीवन हर मानव मात्र विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने हमें सिखाया कि राष्ट्रहित से बढकऱ कुछ नहीं होता। उनकी दूरदर्शिता व राष्ट्र-समर्पण सदैव युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा।
कार्यक्रम में गन्नौर विधायक देवेन्द्र कादियान ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्र एकता के अनोखे शिल्पकार थे। उन्होंने देश के लोगों को एकता के सूत्र में पिरोते हुए नव भारत का निर्माण करने में अतुलनीय भूमिका निभाई। उन्होंने एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को मूर्त रूप दिया, जिसके लिए राष्ट्र उनका सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को समर्पित रन फॉर यूनिटी आमजन में आपसी सहयोग व सौहार्दपूर्ण व्यवहार के साथ ही राष्ट्र की एकता व अखंडता का संदेश देते हुए उद्देश्यों की सार्थकता को सिद्ध कर रही है।
उपायुक्त डा. मनोज कुमार ने उपस्थित लोगों को एकता की शपथ दिलाते हुए कहा कि वे देश के महापुरुषों को अपना आदर्श बनायें। अखंड भारत की परिभाषा देने वाले सरदार पटेल इनमें प्रमुखता से शामिल हैं, जिन्होंने राष्ट्र को विपरीत परिस्थितियों के बावजूद एक करने में सफलता हासिल की। वे कश्मीर से कन्याकुमारी व अरूणाचल प्रदेश से कच्छ तक भारत निर्माण के शिल्पकार रहे हैं। अब हमारा दायित्व बनता है कि हम अपने राष्ट्र की एकता व अखंडता को कायम रखें।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष जसबीर दोदवा, भाजपा नेता बलराम कौशिक, डीसीपी नरेन्द्र सिंह, एसीपी राहुल देव, डीएसओ मनोज कुमार, भीम अवार्डी शारेन शर्मा, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी योगेश, पंडित विनोद, जयभगवान एडवोकेट, अनिल शर्मा, हजारी लाल दुभेटा, महेन्द्र सिंह मलिक, सतीश शर्मा, विक्रांत, कपूर सिंह सांगवान, आनंद हुड्डा, कमलजीत, विपन गोयल, नवीन खत्री, प्रेम कौशिक, श्री प्रकाश, सोनू चिटाना, हरीश चेयरमैन, जसबीर, संजय शर्मा खेड़ी दमकन, कृष्ण दत्त, दिनेश, संजय बैरागी तथा श्यामलाल कौशिक सहित अनेक गणमान्य व युवा मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने जिलावासियों व प्रदेशवासियों को दी दीपावली व भैयादूज की शुभकामनाएं*
सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने जिलावासियों व प्रदेशवासियों को दीपावली व भैयादूज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार आपके व आपके परिवार के लिए ढेर सारी खुशियां लेकर आए। उन्होंने दीपावली त्यौहार को प्रकाश, आनंद और सद्भाव का उत्सव बताते हुए सभी समुदायों में प्रेम, करुणा और एकता फैलाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि दिवाली अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। आइए हम शांति, भाईचारे और एकजुटता के मूल्यों को अपनाकर इस खुशी के अवसर को मनाएं। दिवाली का प्रकाश हमें समृद्ध और समावेशी भविष्य की ओर ले जाए और हमें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करे। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण के प्रति जागरूकता के साथ जिम्मेदारी से त्यौहार मनाने और वंचितों की देखभाल के महत्व को याद रखने का आग्रह किया, जिससे दिवाली की भावना समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।



