जीभ से खाने का काम करना हो या बोलने का,हमेशा संयम रखना चाहिए-श्री श्री मुकंद हरि
परिवार और संसार मिध्या, भगवान ही सत्य : श्री श्री मुकंद हरि
गोहाना : चंडीगढ़ के मानस मर्मज्ञ श्री श्री मुकंद हरि ने बुधवार की शाम को कहा कि परिवार और संसार मिथ्या हैं, सत्य है तो केवल भगवान है। वह पुरानी अनाज मंडी के अग्रवाल सत्संग भवन में अपने जन्मदिन 11 अगस्त के उपलक्ष्य में आयोजित श्री राम कथा का चौथे दिन के प्रसंग का वाचन रहे थे।
श्री राम कथा की अध्यक्षता कथा समिति के अध्यक्ष रामनिवास गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी, टैक्स बार
एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राम कुमार मित्तल, अग्रवाल सभा – गोहाना के अध्यक्ष सतीश गोयल, मेन बाजार के सनातन धर्म मंदिर के अध्यक्ष संजय मेहंदीरत्ता और पुरानी अनाज मंडी के बाबा दरबार के संचालक बाबा प्रवीण जिंदल रहे।
श्री श्री मुकंद हरि ने परामर्श दिया कि जीभ से खाने का काम करना हो या बोलने का,हमेशा संयम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिमान चाहे भगवान का अपना भक्त करे, उन्हें नहीं सुहाता। जहां अभिमान प्रवेश करता है, वहां से भगवान पलायन कर जाते हैं। कार्यक्रम में संजय गोयल, दीपक गोयल, रचना जिंदल, मंजू गुप्ता, डॉ. एस.एन. गुप्ता, सुनीता गोयल, नेहा शर्मा, बबली गोयल, मूर्ति देवी आदि भी पहुंचे।



