श्री श्री मुकंद हरि ने कहा कि- जो व्यक्ति पद, प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त कर भी विनम्र बना रहता है, वह ही वास्तविक संत
कुसंग खूंखार शेर, उग्र न होने दें : श्री श्री मुकंद हरि
गोहाना :-6 अगस्त : कुसंग खूंखार शेर है । इसे उग्र न होने दें। जितनी जल्दी मुमकिन हो, कुसंग से मुक्ति पा लें। बुधवार की शाम को यह संदेश चंडीगढ़ के प्रख्यात भागवत व्यास और मानस मर्मज्ञ श्री श्री मुकंद हरि ने दिया ।
श्री श्री मुकंद हरि इस समय पुरानी अनाज मंडी के अग्रवाल सत्संग भवन में चल रही श्री राम कथा का वाचन कर रहे थे। इस कथा का आयोजन स्वयं श्री श्री मुकंद हरि के जन्मदिन के उपलक्ष्य में किया गया है। अध्यक्षता कथा समिति के अध्यक्ष राम निवास गुप्ता ने की,संयोजन पूर्व सरपंच नवीन शर्मा ने किया ।
श्री राम कथा की भागीरथी को प्रवाहित करते हुए श्री श्री मुकंद हरि ने कहा कि पुण्य कुछ और नहीं, सबसे स्नेह रखना और उनका हित करना है। उन्होंने सत्य की तुलना भगवान से की। उन्होंने कहा कि सत्य भगवान का ही स्वरूप है। उन्होंने कहा कि पाप कर्म से पलायन करना है।
कथा व्यास ने कहा कि जो पद, प्रतिष्ठा और सम्मान प्राप्त कर भी विनम्र बना रहता है, वह ही वास्तविक संत है। इस अवसर पर ललित शर्मा, संजय जिंदल, बारूमल गर्ग, सतीश गोयल, एंडी मुनि, निखिल बंसल, शशि शर्मा, किरण लतावा, शिखा बंसल, डॉ. सुरेंद्र सिंह, बिमला गोयल, मीरा जिंदल, बबीता, बेबी, तृप्ता आदि भी मौजूद रहे।



