आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के तत्वावधान में गोहाना के दयानंद सरस्वती पार्क में शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर हुआ कार्यक्रम
सर्वधर्म समभाव का परिचय देते हुए अपना नाम राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था उधम सिंह ने : वर्मा
गोहाना :-31 जुलाई : सर्वधर्म समभाव का परिचय देते हुए उधम सिंह ने अपना नाम बदल कर राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था। यह खुलासा बुधवार को आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे की शहरी इकाई के अध्यक्ष सुभाष वर्मा ने किया ।
वह मोर्चे के तत्वावधान में शहर के सैक्टर 7 स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती पार्क में शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर हुए कार्यक्रम में मुख्य वक्तव्य दे रहे थे ।
अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की। सुभाष वर्मा ने कहा कि उधम सिंह 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर में हुए जलियांवाला बाग नरसंहार के प्रत्यक्षदर्शी थे । उन्होंने मौके पर बाग की माटी की शपथ ली थी कि वह तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक जनरल डायर को उसके किए की सजा नहीं दे लेंगे ।
वह 1934 में इंग्लैंड पहुंचे। वहां उन्होंने एक कार तथा एक साथ छह गोलियां दागने वाला रिवॉल्वर खरीदा । उन्होंने एक मोटी किताब को इस तरह से काटा कि उसके अंदर रिवॉल्वर बड़े आराम से छुप गया ।
मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा कि 13 मार्च 1940 को जब लंदन के कॉक्स्टन हॉल में जनरल डायर भाषण दे रहा था, तब उधम सिंह ने उसके सीने को गोलियों से छलनी कर दिया । डायर का वध करने के बाद उधम सिंह भागे नहीं, स्वयं अपनी गिरफ्तारी दी। 4 जून 1940 को उन्हें डायर की हत्या का दोषी ठहराया गया तथा 31 जुलाई 1940 को पेंटनविले जेल में उनको फांसी की सजा दे दी गई ।
इस अवसर पर मनजीत प्रजापति, सुरेश पवार, अनूप फौजी, नरेंद्र मलिक, रणधीर राठी, मुकेश सैनी, सूबेदार बलवान सिंह, सूबेदार ओम प्रकाश, प्रेम कौर, बीरमति, संतोष, शांति, निर्मला, सुनीता आदि भी उपस्थित रहे।


