गोहाना के सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ में महा शिव पुराण की कथा का वाचन ; शिवालय में प्रवेश झुक कर ही संभव : दीदी प्रीति रामानुज
मां पार्वती आस्था और भगवान शिव विश्वास के प्रतीक हैं। शिव सदा-सर्वदा से हैं, हमेशा रहेंगे। मां पार्वती का जन्म भी होता है, मृत्यु भी।
गोहाना :-30 जुलाई : प्रत्येक शिवालय का निर्माण इस भांति किया जाता है कि उसका द्वार सदैव छोटा होता है। ऐसे में शिवालय में प्रवेश तभी संभव है जब आप अभिमान को त्याग कर झुक कर जाते हैं। झुक कर प्रवेश करने पर ही आप को विश्वास की प्राप्ति होती है।
मंगलवार की शाम को यह संदेश कथा व्यास दीदी प्रीति रामानुज ने दिया । वह पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ में कांवड़ शिविर के समानान्तर चल रही महा शिव पुराण की कथा का वाचन कर रही थीं। अध्यक्षता मंदिर के अध्यक्ष प्रवीण गोयल ने की। मुख्य यज्ञमान भोलाराम वर्मा और सरोज वर्मा रहे।
दीदी प्रीति रामानुज ने कहा कि आप शिवालय को जीवन का आदर्श बना लें । जीवन में जिस से भी मिलें, हमेशा झुक कर मिलें। जब आप दूसरों से विनम्रतापूर्वक भेंट करेंगे, उनकी आंखों में अपने लिए सम्मान का भाव पाएंगे।
महा शिव पुराण की कथा व्यास ने कहा कि आस्था ऊंची-नीची होती रहती है, कभी कम हो जाती है, कभी समाप्त भी हो जाती है, कभी दोबारा से विकसित होने लगती है। लेकिन विश्वास चिरस्थायी है। मां पार्वती आस्था और भगवान शिव विश्वास के प्रतीक हैं। शिव सदा-सर्वदा से हैं, हमेशा रहेंगे। मां पार्वती का जन्म भी होता है, मृत्यु भी। इस अवसर पर सुंदर कश्यप, श्रीभगवान गोयल, ओ.डी. शर्मा, वीरेंद्र जैन उर्फ गुल्लू, राम निवास सैनी, तिलक राज सेतिया, अरुण सैनी आदि भी उपस्थित रहे।


