कारगिल विजय दिवस पर : आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए 527 रणबांकुरों को पुष्पांजलि से श्र्द्धांजलि अर्पित की
527 रणबांकुरों ने दी थी प्राणों की आहुति : गुप्ता
गोहाना :26 जुलाई : ठीक 25 बरस पहले हुए कारगिल युद्ध में भारत मां को विजय की सौगात देने के लिए सेना के 527 रणबांकुरों ने प्राणों की आहुति दी थी।शुक्रवार को आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के श्रद्धांजलि समारोह में यह टिप्पणी जींद रोड पर स्थित श्री गोपाल कृष्ण गौशाला के संस्थापक और पूर्व अध्यक्ष जय नारायण गुप्ता ने की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की तथा संयोजन इस मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी का रहा।
जय नारायण गुप्ता ने कहा कि कारगिल युद्ध 1999 में मई के महीने में तब प्रारंभ हुआ जब पाकिस्तान के घुसपैठियों ने वहां घुसपैठ कर ली। डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि कारगिल विजय दिवस को आप्रेशन विजय भी कहा जाता है। उन्होंने इस युद्ध के हीरो कैप्टन विक्रम बत्रा को बड़ी शिद्दत से याद किया। आजाद सिंह दांगी ने कहा कि शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा को देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में राम निवास पांचाल, अनूप फौजी, सुभाष शर्मा, कश्मीरी लाल बावा, सतीश सैनी, जयभगवान
दांगी, सुरेश कुमार, उधम सिंह आदि भी पहुंचे।


