सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं ने गोहाना के देहदाता 105 वर्ष के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ. राम किशन अग्रवाल को किया नमन

गोहाना :-28 जून : शुक्रवार की शाम को शहर के आदर्श नगर स्थित हंसध्वनि ऑडिटोरियम में गोहाना के छठे देहदाता और 105 वर्ष के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ. राम किशन अग्रवाल को सामूहिक नमन किया गया । उन्हें श्रद्धांजलि प्रमुख धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं द्वारा दी गई।
डॉ. राम किशन अग्रवाल के दीर्घ जीवन से प्रेरणा ग्रहण करने के लिए हुए आयोजन को शोक सभा के स्थान पर बोध सभा का नाम दिया गया। मुख्य वक्ता उड़ीसा के स्वामी अमृतानंद रहे। वह इस समय सेवा भारती की हरियाणा इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि अगर इच्छाएं बाकी हैं, सांस खत्म होने को हैं तो हम भटक रहे हैं। लेकिन इच्छाएं समाप्त हो गई हैं, पर सांस शेष हैं तो हम मुक्त आत्मा हैं। मंच संचालन आहुति के कॉ-ओर्डिनेटर सन्नी निरंकारी ने किया ।
गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी के साथ सुरेंद्र विश्वास, डॉ. मनोज शर्मा, हरीश कर्नाटक, दयालु तिवारी, डॉ. एस. एन. गुप्ता, राम कुमार मित्तल, संजय मेहंदीरत्ता, परमानंद लोहिया, अरुण बड़ौक, सुरेंद्र गर्ग, डॉ. संतोष देवांगन, संजय गर्ग, शिव कुमार जैन, हरभगवान चोपड़ा आदि ने डॉ. राम किशन अग्रवाल के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला । पेशे से चिकित्सक डॉ. अग्रवाल ने 7 पुस्तकों की रचना से साहित्य अंचल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। डॉ. राम किशन अग्रवाल के पुत्र और सरस्वती विद्या निकेतन के
एम.डी. शशिकांत गोयल ने खुलासा किया कि उनके पिता ने अपने जीवनकाल में ही यह इच्छा व्यक्त कर दी थी कि जब भी उनकी जीवनयात्रा पूरी हो, उनकी देह को किसी मेडिकल कॉलेज को दान कर दिया जाए।



