गोहाना के गीता विद्या मंदिर में तीन दिन की आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ
विद्यार्थी में विद्यमान ज्ञानात्मक क्षमता को उजागर करता है शिक्षक : अत्री

गोहाना :-27 जून : कोई शिक्षक कभी भी किसी बच्चे को पढ़ा नहीं सकता । वह विद्यार्थी में पहले से विद्यमान ज्ञानात्मक क्षमता की परख कर उसे उजागर भी करता है। गुरुवार को यह टिप्पणी विद्या भारती की हरियाणा इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र अत्री ने की।
सुरेंद्र अत्री शहर में गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर में तीन दिन की आचार्य प्रशिक्षण कार्यशाला का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ कर रहे थे। संयुक्त अध्यक्षता स्कूल के प्रबंधक डॉ. मनोज शर्मा और प्रिंसिपल अश्विनी कुमार ने की। कार्यशाला का संयोजन शिक्षिका रजनी ने किया ।
अपने दिशा बोध में प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र अत्री ने कहा कि शिक्षक ही बच्चों में आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक ऊर्जा और कल्पना शक्ति को विकसित कर सकते हैं । उन्होंने कहा कि ध्येय की स्पष्टता, कार्य के प्रति रूचि और ज्ञानार्जन इस प्रकार से हो कि अध्ययन-अध्यापन और संस्कार जीवन से सदा जुड़े रहें। सुरेंद्र अत्री को स्कूल प्रबंधक और प्रिंसिपल द्वारा उत्तरीय, श्रीफल और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।


