सुप्रीम कोर्ट के पुनर्विचार करने के आश्वासन का किया स्वागत
वकीलों की तर्ज पर चिकित्सकों को भी मिले छूट : डॉ. कौशिक
गोहाना :-15 मई : केस हार जाने पर कानूनी कार्रवाई से वकीलों को छूट का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ( आई.एम.ए.) की गोहाना इकाई के निवर्तमान अध्यक्ष डॉ.
गजराज कौशिक ने बुधवार की शाम को स्वागत किया । उन्होंने कहा कि वकीलों की भांति परिणाम चिकित्सकों के हाथ में भी नहीं होता, इस के लिए चिकित्सकों को भी वकीलों की तरह से कानूनी कार्रवाई के दायरे से बाहर किया जाना चाहिए। डॉ. कौशिक ने सुप्रीम कोर्ट के पुनर्विचार के आश्वासन का स्वागत किया।
डॉ. गजराज कौशिक अपने क्लिनिक में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान के बाद चिकित्सक का दर्जा है। एक चिकित्सक अपने मरीज की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास करता है । कभी विफल हो जाए, तब उसे कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ता है। कोई कसूर न होते हुए उसे साबित करने में लंबा अरसा किसी भी चिकित्सक के लिए बेहद पीड़ादायक होता है। श्रेष्ठतम चिकित्सा उपलब्ध करवाते हुए दिल के किसी कोने में डर बना रहता है कि कहीं कोई अनिष्ट न हो जाए और उसके बाद कानूनी फंदा गले पर डल जाए। इसी खौफ के चलते उपचार की क्वालिटी समुचित न रहने की आशंका बनी रहती है। आई.एम.ए. के पूर्व इकाई अध्यक्ष ने कहा कि जिस दिन सुप्रीम कोर्ट वकीलों की तरह से चिकित्सकों को भी कानून के दायरे से बाहर कर देगा, चिकित्सक अब से बेहतर चिकित्सा प्रदान कर सकेंगे। अच्छे से अच्छे तर्क देने के बावजूद केस का रिजल्ट वकील के अपने हाथ में नहीं होता तो उपचार में कोई कोर कसर शेष न रहने पर भी चिकित्सक के हाथ में उसका रिजल्ट नहीं होता। इस के लिए वकीलों की तरह से चिकित्सकों को भी कानूनी कार्रवाई के भय से मुक्ति मिलनी ही चाहिए।



