गोहाना में पशु डेयरी खोलकर नालियों में सीधे गोबर बहाने वाले संचालकों के कटेंगे चालान
गोहाना :-8 अप्रेल : गोहाना में पशु डेयरी खोलकर नालियों में सीधे गोबर बहाने वाले संचालकों की अब मनमानी नहीं चलेगी। नप प्रशासन ने नोटिस देने के बावजूद अधिकतर संचालकों के जवाब नहीं दिया। अब गोबर एकत्रित करने के लिए पिट न बनवाने पर नप प्रशासन सख्ती से कार्रवाई किया है। नप की चार टीमें संचालकों पर नियमित निगरानी करेंगी, बल्कि नालियों में गोबर बहाने पर संचालक का चालान भी कटेगा। नप प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसकी निगरानी के लिए चार टीमों का गठन किया है।
शहर में कई पशु डेरियां और लोगों ने घरों में पशु पाल रखें हैं। अधिकांश अपना गोबर सीधे नालियों में बहाते हैं जिससे नालियां जाम रहती हैं। इनको साफ करने में कर्मचारियों को बार बार मेहनत करनी पड़ती है। नप प्रशासन ने बीते दिनों शहर में सर्वे कराया तो सभी वार्डों में 86 पशु डेयरी मिली थी। नप अधिकारियों ने इनको नोटिस देकर न केवल जवाब मांगा था, बल्कि गोबर न बहाकर उसको डेयरियों में ही पिट बनाकर एकत्रित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद अधिकतर संचालकों ने न तो नोटिस के जवाब दिए और न ही पिट बनवाई। 4 डेयरी संचालकों ने ही मैनहोल बनवाए हैं, जबकि 6 ने पहले से ही समाधान किया हुआ था।
लंबे समय से पशु डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत बीते दिनों अधिकारियों ने शहर में जगह की भी तलाश की थी, लेकिन डेयरियों की संख्या अनुसार जगह नहीं मिली। इस पर अधिकारियों ने पंचायत विभाग से आसपास के किसी गांव में जगह लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए अधिकारियों ने अपनी प्रक्रिया अपना रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहरवासियों को काफी सुविधा मिलेगी।
^शहर में पशु डेयरियों से नालियों में गोबर बहाने से रोकने पर नप प्रशासन लगातार काम कर रहा है। इसी के तहत संचालकों को नोटिस जारी करने के अलावा निगरानी के लिए कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद कोई संचालक नालियों में गोबर बहाता मिलता है तो उसका चालान किया जाएगा। नालियों में गोबर बहाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाएगी। दुर्गा देवी, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद, गोहाना।
