जनता विद्या भवन बुटाना को टेकओवर कर स्टेट यूनिवर्सिटी बनाने की मांग ने पकड़ा जोर, कर्मचारी समिति और 18 सरपंचों ने सरकार को लिखी चिट्ठी
- विधानसभा के आगामी बजट सत्र में एक्ट पास करने की मांग
खबर अब तक
गोहाना :-19 फरवरी : जनता विद्या भवन, बुटाना (सोनीपत ) को अधिग्रहीत कर स्टेट यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। राज्य सरकार को पत्र लिखकर इलाके की इस प्रमुख शिक्षा संस्था को स्टेट युनिवर्सिटी बनाने के लिए विधानसभा के आगामी बजट सत्र में ही एक्ट पास करने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सरकार के अन्य प्रमुख लोगों को इस आशय के पत्र जनता विद्या भवन कर्मचारी कल्याण समिति और आसपास के 18 गांवों के सरपंचों ने लिखे हैं।
जनता विद्या भवन कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र सांगवान ने खबर अब तक को बताया कि संस्था को टेकओवर कर विश्वविद्यालय बनाने की मांग को लेकर समिति ने व 18 सरपंचों ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अतिरिक्त, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला, ओएसडी डॉ. राजेंद्र अनायत और एसीएस ( उच्चतर शिक्षा) आनंद मोहन शरण को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि आसपास के इलाके में बच्चों को उच्च एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए एक उच्च शिक्षण संस्थान (स्टेट यूनिवर्सिटी) की आवश्यकता है। संस्था के कर्मचारियों व सरपंचों का कहना है कि इस संस्था के साथ आसपास के सभी लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। यह कमी इस संस्था को स्टेट यूनिवर्सिटी बनाकर पूरी की जा सकती है। इससे पूरे बरोदा हलके व अन्य निकटवर्ती क्षेत्र के बच्चे भी लाभान्वित होंगे।
पत्र में इस संस्था के लिए और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की सहराना भी की गई है। कहा है कि सरकार टेकओवर करके एक्ट पास कर दे तो जनता व सरकार के सहयोग से संस्था को विश्वविद्यालय बनाना कठिन नहीं है।
सांगवान ने बताया कि संस्था की महासभा में भी संस्था को स्टेट यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव गत 10 फरवरी को सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। सरकार को भेजे पत्र में कहा गया है कि जनता विद्या भवन, बुटाना को जल्द से जल्द टेक ओवर करके सरकार स्टेट यूनिवर्सिटी बनाने की अधिसूचना जारी कर दे तो इलाके में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के अवसर बहुत अधिक बढ़ जाएंगे। डॉ. रविन्द्र सांगवान ने कहा कि हमारा इलाका शिक्षा के प्रति सजग है। इलाके के लोग समझते हैं कि विकास का रास्ता शिक्षा के माध्यम से होकर निकलता है।



