बी.पी.एस.महिला विश्वविधालय का विज्ञान,इंजीनियरिंग, आयुर्वेद और होटल प्रबंधन संकाय में पेटेंट की संख्या बढ़ाने पर रहेगा फोकस
गोहाना :-13 फरवरी : बी. पी. एस. महिला विश्वविद्यालय में विज्ञान, इंजीनियरिंग, आयुर्वेद और होटल प्रबंधन संकाय में पेटेंट की संख्या बढ़ाने के लिए तंत्र तैयार करने पर विशेष फोकस रहेगा। विश्वविद्यालय में गैर सरकारी संगठनों से प्राप्त अनुसंधान परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इस आशय का निर्णय वी. सी. प्रो सुदेश की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई. क्यू. ए.सी.) की 5वीं बैठक में लिया गया।
वी.सी. प्रो सुदेश ने लैंगिक तथा सामाजिक संवेदीकरण के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय समुदाय को नवीनतम वैश्विक ज्ञान रूझानों तथा सूचना संचार प्रौद्योगिकी के विकास से कदमताल करते हुए कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष फोकस करना होगा। वी.सी. ने सॉफ्ट स्किल्स तथा संचार कौशल बढ़ाने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
आई. क्यू. ए. सी. सदस्य, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय से प्रो सुनीता श्रीवास्तव ने पर्यावरण संरक्षण के लिए वर्मी कंपोस्ट केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। डॉ. योगेंद्र मलिक ने विभिन्न विभागों व संस्थाओं को परामर्श के माध्यम से राजस्व सृजन का विचार साझा किया। औद्योगिक प्रतिनिधि के रूप में एल. पी. एस. बोसार्ड समूह, रोहतक से मुकेश सिंह ने औद्योगिक इकाइयों के साथ रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने की बात कही।
आई. क्यू. ए.सी. के निदेशक प्रो अशोक वर्मा ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया। डॉ. शालिनी ने बैठक का समन्वयन किया। बैठक में प्रो इप्शिता बंसल, प्रो सुरेंद्र मोर, प्रो श्वेता, प्रो रवि भूषण, प्रो. नीलम जैन, प्रो विजय नेहरा, डॉ समन दलाल, वित्त अधिकारी रवि दत्त, परीक्षा नियंत्रक डॉ संदीप दहिया तथा छात्र प्रतिनिधि रितु भी शामिल हुए।
