गोहाना के गीता विद्या मंदिर में चार दिन से चल रहे शिशु वाटिका के प्रदेश स्तर के प्रशिक्षण वर्ग का समापन
नई राष्ट्रीय नीति में शिशुओं के लिए होगी बस्ता रहित शिक्षा
गोहाना :-4 फरवरी : अखिल भारतीय शिशु वाटिका की सह संयोजक नम्रता दत्त ने रविवार को कहा कि शिक्षकों का विकास होने पर ही शिशु का सर्वांगीण विकास संभव हो सकेगा। उनके अनुसार नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शिशुओं की शिक्षा बस्ता रहित होगी।
वह शहर में गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर में चार दिन से चल रहे शिशु वाटिका के प्रदेश स्तर के प्रशिक्षण वर्ग का समापन कर रही थीं। यह प्रशिक्षण वर्ग नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति: 2020 के आलोक में विद्या भारती के शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आयोजित हुआ।
गुरुवार को प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण वर्ग में विद्या भारती द्वारा हरियाणा में संचालित 28 विद्यालयों के 85 शिक्षकों ने भाग लिया। समापन अवसर के लिए नम्रता दत्त दिल्ली से पहुंचीं। पंजाब के भिखी शहर से क्षेत्रीय सह-प्रमुख संगीता पधारीं। अध्यक्षता विद्या भारती के प्रदेश अध्यक्ष देव प्रसाद भारद्वाज ने की ।
मुख्य वक्ता नम्रता दत्त ने शिशु के समग्र विकास की संकल्पना, आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बस्ता रहित शिक्षा के लिए प्रशिक्षु शिक्षकों को उपयोगी टिप्स दिए। संगीता ने पाठ्य चर्चा और शिशु विकास में बाधक कारकों की चर्चा की।
विद्या भारती की हरियाणा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष देव प्रसाद भारद्वाज ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चे भय रहित माहौल में स्वतंत्रता एवं स्नेह के साथ आनंदित हो कर रचनात्मक गतिविधियां कर पाएंगे। उन्होंने दावा किया कि नई शिक्षा नीति पढ़ाई में संस्कारों का समावेश करेगी प्रशिक्षण वर्ग के समापन समारोह में विद्या भारती के प्रांत शैक्षणिक प्रमुख राम कुमार, गीता विद्या मंदिर के अध्यक्ष परमानंद लोहिया, प्रिंसिपल अश्विनी कुमार भी मौजूद रहे।



