गोहाना के गीता विद्या मंदिर ने गुरु गोबिंद सिंह को अर्पित की श्रद्धांजलि
गोहाना :-17 जनवरी: शहर में गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर में बुधवार को गुरु गोबिन्द सिंह के 357वें प्रकाशोत्सव पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। अध्यक्षता स्कूल के प्रिंसिपल अश्विनी कुमार ने की और संयोजन चाणक्य सदन का रहा। विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने गुरु गोबिंद सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके पदचिन्हों पर चलते हुए राष्ट्र की सुरक्षा का संकल्प लिया।
कक्षा 9 के छात्र हर्ष और कक्षा 8 के छात्र सार्थक ने गुरु गोबिन्द सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। हर्ष ने कहा कि गुरु गोबिन्द सिंह सिखों के दसवें गुरु थे। गुरु. तेग बहादुर के बलिदान के उपरांत 11 नवम्बर 1675 को वे 10 वें गुरु बने। इनकी माता का नाम गुजरी था।
संस्कृत शिक्षिका कुसुम गिरि ने उनके कार्यक्षेत्र से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि गुरु गोविंद सिंह एक महान योद्धा, चिंतक, कवि, देश भक्त एवं आध्यात्मिक नेता थे। वर्ष 1699 में बैसाखी के दिन गुरु जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी।


