गच्छाधिपति प्रकाश चंद जी के 80वें दीक्षा उत्सव पर गोहाना के टी.पी.एस. में होगा जश्न
95 साल के प्रकाश चंद जी महाराज न केवल आयु अपितु दीक्षा में दुनिया भर के सबसे बड़े जैन संत

गोहाना :-16 जनवरी : गच्छाधिपति प्रकाश चंद जी महाराज की के 80वें दीक्षा उत्सव पर वजीरपुरा गांव स्थित टी.पी.एस. पब्लिक स्कूल के परिसर में गुरुवार को जश्न होगा | आर्य वज्र स्वाध्याय संघ के बैनर तले समारोह सुबह 9 बजे से 11 बजे तक इस स्कूल के परिसर में आयोजित होगा।
प्रकाश चंद जी महाराज का जन्म 1 जनवरी 1929 को गोहाना के रिंढाणा गांव में हुआ था। यह भी सुखद संयोग है कि गच्छाधिपति प्रकाश चंद जी और शेर-ए-हिंद सुंदर मुनि जी वर्तमान में गोहाना में प्रवास कर रहे हैं। गच्छाधिपति न केवल आयु अपितु दीक्षा की अवधि की दृष्टि से भी पूरी दुनिया में सबसे बड़े जैन संत हैं।
प्रकाश चंद जी महाराज ने 18 जनवरी 1945 को नारनौल में अपने पिता स्व. बद्री प्रसाद जी और छोटे भाई स्व. राम प्रसाद जी के साथ दीक्षा ग्रहण की थी। संथारा साधक बद्री प्रसाद जी 16 अक्तूबर 1987 को सोनीपत तथा भगवन श्री राम प्रसाद जी 18 जुलाई 2007 को गोहाना में देवलोक के लिए प्रयाण कर गए थे।
बद्री प्रसाद जी और राम प्रसाद जी ने संथारा के माध्यम से स्वेच्छा से देह त्याग किया था। अब स्वयं प्रकाश चंद जी उसी पथ के अनुगामी हैं। यह उनके आत्मिक बल का प्रताप है कि उन्होंने 8 साल पहले 23 मार्च 2016 को संथारा के लिए संलेखना ग्रहण कर ली थी तथा तभी से बेहद सीमित भोजन का सेवन कर रहे हैं।
पंजाब परम्परा के संत हैं गच्छाधिपति । प्रकाश चंद जी जैन श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा के केंद्र हैं। उनके दर्शन करने के लिए भारत के कोने-कोने के साथ विदेशों से भी श्रद्धालु गोहाना आते हैं। 95 वर्ष की लंबी उम्र में भी प्रकाश चंद जी आगंतुकों को न केवल आशीर्वाद देते हैं अपितु तीव्र स्मरण शक्ति के चलते नाम ले कर पुकारते हैं।
आर्य वज्र स्वाध्याय संघ ने गच्छाधिपति की दीक्षा के 80वें उत्सव को बेहद सादगी से मनाने का निर्णय किया है। संघ की राष्ट्रीय महासचिव प्रतिभा जैन के अनुसार दीक्षा उत्सव स्वयं गच्छाधिपति के दिग्दर्शन में आयोजित होगा जिसमें उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश शेर-ए-हिंद सुंदर मुनि और अन्य सम्मानित मुनि प्रकाश डालेंगे।


