अयोध्या में रामलला के विराजने की बेला में प्रारंभ होगा गोहाना में मराठा सरदारों द्वारा चार शताब्दी पहले निर्मित शिवाला मस्तनाथ का जीर्णोद्धार
गोहाना :-16 जनवरी : 22 जनवरी की जिस बेला में रामलला अयोध्या के नवनिर्मित मंदिर में विराजमान होंगे, उसी पल गोहाना के ऐतिहासिक और मराठा युग के शिवाला मस्तनाथ का जीर्णोद्धार प्रारंभ हो जाएगा।
पानीपत की तीसरी लड़ाई में जब मराठा सरदार जी-जान की बाजी लगा रहे थे, उसी युद्ध के वक्त उन्होंने भगवान शिव के पूजन और आराधन के लिए गोहाना में शिवाला मस्तनाथ की स्थापना की थी । चार शताब्दी बाद उसी शिवाला मस्तनाथ का अब मंदिर प्रबंधन जीर्णोद्धार करवाएगा।
विशेष बात यह है कि शिवाला मस्तनाथ का जो नया परिसर सृजित होगा, उसमें मराठा काल के प्राचीन शिवलिंग को ही स्थापित किया जाएगा। इतने वर्ष और लंबा समय बीत जाने के बावजूद भोले बाबा की कृपा से वह शिवलिंग अखंड है।
शिवाला मस्तनाथ पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित सनातन धर्म मंदिर का अभिन्न अंग है। शिवाला मस्तनाथ से शिवलिंग को मंदिर परिसर में पूर्ण विधि-विधान से अस्थायी रूप से प्रतिष्ठित कर दिया गया है। नया परिसर तैयार होने पर शिवलिंग को वहां स्थापित कर दिया जाएगा।
सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ के अध्यक्ष प्रवीण गोयल ने बताया कि श्रद्धालुओं की भावना का सम्मान करते हुए अयोध्या में रामलला के विराजने के दिन 22 जनवरी को ही शिवाला मस्तनाथ का नए सिरे से निर्माण करने का निश्चय किया गया है। इस के लिए सब तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
प्रवीण गोयल के अनुसार सुबह 10 से 11 बजे नए शिवाला मस्तनाथ का शिलान्यास होगा। उसके बाद कीर्तन और सत्संग के साथ खुला भंडारा होंगे। सनातन धर्म मंदिर शिवाला मस्तनाथ अभी से रंग-बिरंगी रोशनियों से आलोकित हो रहा है शिलान्यास के बाद 22 जनवरी को मंदिर में दीपमाला भी की जाएगी।


