राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा.मोहन भागवत ने गोहाना वाल्मीकि आश्रम में कहा-वाल्मीकि ने करवाया राम का विश्व से परिचय
गोहाना :-14 जनवरी : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने गोहाना वाल्मीकि आश्रम में समरसता का संदेश दिया। रविवार की शाम को उन्होंने कहा कि प्रभु राम से विश्व का परिचय कराने वाले भगवान वाल्मीकि हैं। रामायण महाकाव्य में प्रेम मधुरता और समरसता का सार छिपा हुआ है।
मोहन भागवत तीन दिन के हरियाणा प्रवास पर आए हुए थे। जींद से वह गोहाना पहुंचे। उन्होने आश्रम में प्रवेश करते ही संतों की समाधियों पर पुष्प अर्पित किये और भगवान वाल्मीकि की प्रतिमा के दर्शन कर आरती में भाग लिया। सर संघचालक की अगवानी दीपक आदित्य, पवन कुमार और प्राण रत्नाकर ने की।
मोहन भागवत ने आश्रम में उपस्थित विभिन्न जातियों और वर्गों के प्रतिनिधियों से अपील की कि उन्हे महर्षि वाल्मीकि आश्रम में नित्यप्रति आना चाहिए ताकि परस्पर प्रेम प्रगाढ हो तथा धर्म व देश और अधिक मजबूत बने।
उन्होने उपस्थित संतों को 22 जनवरी को मन्दिरों में दीपावली मनाने तथा सीधा प्रसारण देखने के लिए अक्षत भेंट कर निमन्त्रण दिया । इस अवसर पर संत समाज का प्रतिनिधिमंडल मनशाह महाराज, रमेश विकल महाराज, रविशाह महाराज, गुरुचरण स्वामी, सांवरी मैया, डॉ. बुद्ध प्रताप महाराज, दिव्यानंद पुरी महाराज, राजेंद्र दास आदि ने किया।
मोहन भागवत का गोहाना पहुंचने पर अभिनंदन गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी के साथ रामकुमार मित्तल, रामधारी जिंदल, विनोद सहरावत, श्यामलाल वशिष्ठ, संजय महंदीरता आदि ने किया। ज्ञातव्य है कि गोहाना के इसी वाल्मीकि आश्रम से राम मन्दिर निधि समर्पण का शुभारम्भ स्वामी ज्ञानानंद महाराज की उपस्थिति में हुआ था।


