रोहतक में दसरे के प्लॉट को अपना बता कर 45 लाख में बेचा ; पुलिस कमिश्रर के आदेश पर 5 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज
गोहाना :-31 दिसंबर : शहर के आदर्श नगर निवासी एक कंपनी के संचालक से रोहतक में प्लॉट दिलाने के नाम पर 45 लाख रुपए ठग लिए गए। कंपनी संचालक को इसकी जानकारी जब लगी, तब उसे प्लॉट पर दूसरा व्यक्ति निर्माण करते हुए मिला और प्लॉट उसी का था। उसने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी तो उन्होंने उसे केवल 4 लाख रुपए ही लौटाए। आरोप है। कि बाकी के रुपए देने से मना कर दिया। यही नहीं कंपनी संचालक ने ब्याज सहित 60 लाख रुपए मांगे तो उसे धमकी भी दी गई। अब पुलिस कमिश्नर के आदेश पर शहर थाना में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत केस दर्ज किया गया है।
शहर के आदर्श नगर निवासी राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह आउटसोर्स कंपनी चलाता है। उसकी दोस्ती रोहतक की नेहरू कॉलोनी निवासी कुलदीप सिंह और प्रदीप के साथ थी। उनके साथ गोहाना की राम गली निवासी योगेश कुमार, महम रोड निवासी अमरजीत व वार्ड-6 निवासी राजेश प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य करते हैं। उनका कार्यालय शहर की पुरानी अनाज मंडी में है। उन सभी ने उसे जनवरी 2015 में पुरानी अनाज मंडी स्थित कार्यालय में एक प्लॉटिंग साइट का नक्शा दिखाया, जो रोहतक का था। उन्होंने उसे विश्वास में लेकर रोहतक में एक प्लॉट देने की बात कही।
कुलदीप को प्रॉपर्टी का मालिक बताया गया। उनका 2266.66 वर्ग गज जमीन का 2000 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से सौदा तय हो गया। उसके बाद उसने 45 लाख 33 हजार 320 रुपए का इकरारनामा किया और पूरी राशि कुलदीप को दी थी। राजेश ने बताया कि आरोपियों ने रुपए लेने के बाद उसे आश्वासन दिया कि फिलहाल रोहतक में रजिस्ट्री बंद है और चालू होते ही उसकी रजिस्ट्री करा देंगे। इसके कुछ दिन बाद जब वह रोहतक में प्लॉट को देखने के लिए गया तो वहाँ पर कोई दूसरा व्यक्ति मकान बना रहा था। जब उसने व्यक्ति को ऐसा करने से मना किया तो उन्होंने प्लॉट को अपना बताया। इसके बाद उसने कुलदीप को फोन किया तो उसने गोहाना में आकर समाधान करने की बात कही।
आर.टी.आई. में भी वह प्लॉट किसी और के नाम मिला। इस पर वह आरोपियों से ब्याज सहित रुपए मांगता रहा और वे समय देकर टालते रहे। इस पर उसने फरवरी 2020 में पुलिस को शिकायत की तो जांचकर्ता के थाने में बुलाने के बाद आरोपियों ने उसे चार लाख रुपए मौके पर दिए और बाकी ब्याज सहित 31 मई 2020 तक लौटाने का आश्वासन दिया। राजेश का कहना है कि उसके बाद से आरोपियों ने 60 लाख रुपए में से एक भी रुपए अब तक वापस नहीं दिया। वे उसे जान से मारने की भी धमकी देते हैं। इसी को लेकर उसने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत दी। अब आयुक्त के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरू कर दी



