गोहाना के रोहतक रोड स्थित श्मशानघाट में विदेशों की तर्ज पर 15 लाख से बनेगा बाल दफन केंद्र
दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के राजेश कत्याल करवा रहे हैं निर्माण, श्रीराम कार सेवा समिति ने निर्माण कार्य का लिया जायजा
गोहाना :- 29 दिसम्बर : विदेशों की तर्ज पर शहर में रोहतक रोड पर बस स्टैंड के निकट स्थित श्मशानघाट में 15 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक बाल दफन केंद्र का निर्माण हो रहा है। यह बाल दफन केंद्र हरियाणा का अपनी तरह का पहला मृत बच्चों को दफनाने का मॉडर्न स्थल होगा।
विशेष बात यह है कि बाल दफन केंद्र का सृजन दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाले राजेश कत्याल करवा रहे हैं जिन का गोहाना से कोई सरोकार तक नहीं है।
शुक्रवार को श्री राम कार सेवा समिति की टीम ने निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। टीम में गुलशन नारंग, विजय मग्गो, महेश तरीका, संजय मेहंदीरत्ता, हरभगवान चोपड़ा, मनोज मेहता और मदन ठकराल थे। यही समिति श्मशानघाट का प्रबंधन करती है।
राजेश कत्याल यह केंद्र अपने दिवंगत पिता स्व. ओम प्रकाश कत्याल की स्मृति में बनवा रहे हैं। राजेश कत्याल के मौसेरे भाई रमन कत्याल गोहाना में रहते हैं।
रमन ने राजेश से जब श्मशानघाट के जीर्णोद्धार की बात शेयर की, स्वयं राजेश कत्याल ने इच्छा जाहिर कर दी कि जो ड्यूटी उनके जिम्मे लगेगी, उसे वह खुशी-खुशी निभाएंगे। राजेश कत्याल की सोनीपत के जाहरी गांव में फ्रोस्ट फेल्कॉन के नाम से डिष्ट्रिलरी है। उनके कजिन रमन कत्याल गत्ते के डिब्बे बनाने का काम करते हैं।
रमन भी श्मशानघाट के नियमित आर्थिक सहयोगी हैं। दफन केंद्र 133 फुट गुणा 100 फुट का होगा। इस दो खंडों में निर्मित किया जाएगा। प्रत्येक खंड के दो हिस्से होंगे। इन चार में से तीन हिस्सों में हरी घास लगेगी।
एक हिस्सा शिशु शव को दफनाने के लिए होगा। जब उसे हिस्से में स्थान शेष नहीं रहेगा, वहां घास रोप दी जाएगी तथा अगले हिस्से का इस्तेमाल दफन के लिए होने लगेगा। इस तरह से एक समय में तीन हिस्सों में घास रहेगी।
बाल दफन केंद्र का द्वार भी नया बनेगा जो राजेश कत्याल के पिता के चित्र के साथ तैयार होगा। द्वार के दोनों ओर फूलों के गमले रहेंगे।
दफन केंद्र की प्रत्येक दीवार पर आदर्श वाक्य अंकित रहेंगे। दोनों खंडों में से प्रत्येक खंड के तीनों ओर पगडंडी होगी। दोनों खंडों के बीच में इंटर लॉक टाइलों से तैयार चौड़ा रास्ता होगा।
बाल दफन केंद्र के लिए श्री राम कार सेवा समिति ने विभिन्न देशों के ऐसे केंद्रों के डिजाइनों का अवलोकन किया।



