गोहाना के लोगों को बिगड़ी यातायात व्यवस्था से जल्द मिलेगा छुटकारा ; नगर परिषद शहर में चार जगहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाएगा।
नप प्रशासन ने जगह चयनित करके शुरू की लाइटें लगाने की प्रक्रिया

गोहाना :-शहर में लोगों को जल्द ही बिगड़ी यातायात व्यवस्था से छुटकारा मिलेगा। इस व्यवस्था को सुचारू करने के लिए नप प्रशासन शहर में चार जगहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाएगा। इसके लिए नप प्रशासन ने शहर में सर्वे कराकर न केवल जगह चयनित कर ली है, बल्कि लाइटें लगाने के लिए आगामी प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इन ट्रैफिक लाइटों पर नप प्रशासन करीब 50 लाख रुपए खर्च करेगा। इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने में ट्रैफिक लाइटों की अहम भूमिका मानी जाती है। इसके बावजूद शहर में किसी भी चौक पर ट्रैफिक लाइटें नहीं हैं। हालांकि पुलिस विभाग ने शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तो लगाई है, लेकिन फिर भी चौकों के साथ मुख्य रास्तों पर जाम की स्थिति रहती है। इसका मुख्य कारण वाहन चालकों द्वारा नियमों का पालन न करना भी है। ऐसे में सबसे अधिक जाम की समस्या सोनीपत मोड, डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक, सिविल रोड, पुराना बस अड्डा, रोहतक रोड, बरोदा रोड, छोटूराम चौक समेत अन्य मुख्य मार्गों पर रहती है। इससे आमजन को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में शहर के लोग सड़कों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाकर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने की मांग करते आ रहे हैं।
इसी के चलते नप प्रशासन ने शहर में सर्वे करके छोटूराम चौक, सोनीपत मोड़, डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक व सेक्टर-7 के मोड़ पर ट्रैफिक लाइटें लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए अधिकारियों ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। चारों चयनित स्थानों पर वाहनों की संख्या अधिक होने पर लिया निर्णय नप प्रशासन ने जिन चार चयनित स्थानों पर ट्रैफिक लाइटें लगाने का निर्णय लिया है, उन पर वाहनों की संख्या अधिक रहती है। इनमें सोनीपत मोड़ तीन मुख्य मार्गों को जोड़ता है। यहां से वाहन चालक सोनीपत के साथ पानीपत व शहर की तरफ से आवागमन करते हैं, जिससे हर समय यहां भीड़ बनी रहती है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक पर भी पानीपत, रोहतक रोड के साथ शहर को आपस में जोड़ता है। सेक्टर-7 मोड़ भी रोहतक के साथ सेक्टर व आसपास की कॉलोनियों को जोड़ता है। इसी तरह छोटूराम चौक पर भी वाहन शहर के साथ पुरानी अनाज मंडी व जींद रोड की तरफ से आते हैं। ऐसे में यहां न केवल जाम की समस्या रहती है, बल्कि हादसे होने की भी आशंका रहती है।
