गोहाना के बुटाना में जनता शिक्षण संस्थाओं को स्टेट यनिवर्सिटी बनाने की प्रक्रिया तेज ; डीक्रस्ट के पूर्व वी.सी. राजेंद्र कुमार अनायत टेकओवर करने के लिए ओ.एस.डी. नियुक्त

गोहाना :-23 दिसम्बर : हरियाणा सरकार गोहाना को एक और यूनिवर्सिटी की सौगात देने की तैयारी में है । बुटाना गांव की जनता शिक्षण संस्थाओं को स्टेट यूनिवर्सिटी बनाने की दिशा में सरकार प्रक्रिया एकदम से तेज कर दी है। इन संस्थाओं को टेकओवर करने के लिए मुरथल स्थित डीक्रस्ट के पूर्व वी.सी. प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत को बाकायदा ओ. एस. डी. नियुक्त कर दिया गया है।
गोहाना में स्वाधीनता प्राप्ति से पहले भगत फूल सिंह ने 1919 में भैंसवाल कलां गांव में लड़कों का गुरुकुल तथा 1936 में खानपुर कलां गांव में लड़कियों के गुरुकुल स्थापित किए थे। आजादी मिलने के फौरन बाद स्व. धज्जाराम सांगवान ने बुटाना गांव में जनता शिक्षण संस्थाओं की संस्थापना की थी।
भैंसवाल कलां गांव और खानपुर कलां गांव के गुरुकुलों को मर्ज करते हुए पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार ने 18 अगस्त 2006 को भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय को अधिसूचित कर दिया था जो उत्तर भारत का सर्वप्रथम सरकारी महिला विश्वविद्यालय है।
जनता शिक्षण संस्थाओं को भी सरकारी यूनिवर्सिटी बनाने की मांग हर पार्टी की सरकार के शासनकाल में होती रही। भाजपा-जजपा
गठबंधन की मौजूदा सरकार ने 3 नवंबर 2020 को हुए बरोदा हलके के उप चुनाव में इस वायदे को पूरा करने की हामी सार्वजनिक मंचों से भरी ।
चुनावों के निकट आते ही गठबंधन सरकार एकाएक हरकत में आ गई है। हायर एजुकेशन के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद मोहन शरण ने 22 दिसंबर को एक अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के अनुसार डीक्रस्ट के पूर्व वी.सी. प्रो. राजेंद्र कुमार अनायत को संस्थाओं को टेकओवर करने के लिए ओ.एस.डी. नियुक्त किया गया है।
जिस प्रकार से महिला विश्वविद्यालय का नामकरण दोनों गुरुकुलों के संस्थापक भगत फूल सिंह के नाम से किया गया, उसी तर से संभावना यह है कि बुटाना गांव की जनता शिक्षण संस्थाओं को जब स्टेट यूनिवर्सिटी में कन्वर्ट किया जाए, इन संस्थाओं के संस्थापक स्व. धज्जाराम सांगवान के नाम से किया जाएगा।
गठबंधन नेताओं ने ओ. एस. डी. नियुक्त करने के आदेश का स्वागत किया है सोनीपत भाजपा के जिला अध्यक्ष तीर्थ सिंह राणा तथा सोनीपत जजपा के जिला प्रवक्ता जोनी लठवाल ने कहा कि गठबंधन सरकार बरोदा हलके की जनता से किए वायदे को निभाने के लिए प्रारंभ से प्रतिबद्ध है तथा जल्दी ये संस्थाएं यूनिवर्सिटी बन जाएंगी।
