आर.टी.आई. में मांगी गई सूचना न देने पर प्रदेश सूचना आयुक्त ने गोहाना के बी.डी.पी.ओ., ग्राम सचिव में से प्रत्येक पर लगाया 12,500 रुपए जुर्माना
गोहाना :-21 दिसम्बर : प्रदेश के सूचना आयुक्त डॉ. जगबीर सिंह ने गोहाना खंड के बी.डी.पी.ओ. और ग्राम सचिव में से प्रत्येक पर 12,500 रुपए का जुर्माना लगाया है। उन्होंने यह कार्रवाई बिलबिलान गांव के महिपाल सिंह को आर.टी.आई. में मांगी जानकारी उपलब्ध न करवाने पर की।
महिपाल सिंह बिलबिलान गांव के रहने वाले हैं। उनका आरोप है कि गांव में हुए विकास के कामों में भारी-भरकम घोटाला हुआ। उस घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए वह अढ़ाई साल से आर. टी. आई. का बार-बार सहारा ले रहे हैं।
ग्रामीण का कहना है कि उन्होंने सब से पहले 3 अगस्त 2021 को गोहाना खंड के बी.डी.पी.ओ. के पास आर.टी.आई. लगाई। जवाब नहीं आया तो उन्होंने सोनीपत के डी.डी.पी.ओ. को शिकायत की। वहां से भी कोई राहत न मिलने पर पंचायत और विकास विभाग के निदेशक को शिकायत की। पर परिणाम शून्य रहा।
महिपाल सिंह के अनुसार उन्होंने थक-हार कर प्रदेश सूचना आयुक्त को दस्तक दी। तब प्रदेश सूचना आयुक्त पंकज मेहता ने 14 जुलाई 2023 को 15 दिन में जानकारी उपलब्ध करवाने का आदेश दिया। लेकिन अधिकारी आंख-कान बंद किए रहे। इस पर सूचना आयुक्त ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
आर.टी.आई. एक्टिविस्ट का दावा है कि नए प्रदेश सूचना आयुक्त डॉ. जगबीर सिंह ने गोहाना खंड के बी.डी.पी.ओ. और ग्राम सचिव में से हरेक पर 12,500 रुपए का जुर्माना लगाया है।
सूचना आयुक्त ने अधिकारियों को किराए भाडे के खर्च के एक हजार रुपए अलग से महिपाल सिंह को देने का आदेश भी दिया है।
