नए साल के पहले दिन से बेमियादी हड़ताल पर जा सकते हैं गोहाना सब्जी मंडी के आढ़ती
गोहाना :-20 दिसम्बर : नए साल के पहले दिन से सब्जी मंडियों के आढ़ती अनिश्चितकालीन हड़ताल भी प्रारंभ कर सकते हैं। यह संकेत बुधवार को प्रदेश स्तर पर गठित 22 सदस्यों की संघर्ष समिति के सदस्य दीपक मेहता ने दी। एडवांस मार्कीट फीस के खिलाफ हुई एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की कामयाबी से आढ़ती पूरी तरह से उत्साहित हैं। आढ़तियों का दो ट्रक कहना है कि वे फलों और सब्जियों पर कोरोना से पहले की भांति शून्य प्रतिशत टैक्स चाहते हैं। सब्जी मंडी के आढ़ती एडवांस मार्कीट फीस के प्रस्ताव का डटकर विरोध कर रहे हैं। इसी प्रस्ताव के खिलाफ हुई हड़ताल में आढ़ती नई सब्जी मंडी के मेन गेट के आगे दिनभर धरने पर जमे रहे। उनके प्रदर्शन का नेतृत्व गोहाना सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष जयदीप कुंडू ने किया। संयोजन उपाध्यक्ष कृष्ण सैनी और दुष्यंत मेहता, सचिव नवीन मल्होत्रा, सह-सचिव दिनेश मधु और कोषाध्यक्ष मनोज ठकराल ने किया। धरने पर आढ़तियों की मांगों का समर्थन करने के लिए गोहाना अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद सहरावत और गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन के पति इंद्रजीत विरमानी भी पहुंचे।
गोहाना की सब्जी मंडी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दीपक मेहता 22 सदस्यों की प्रदेश स्तर की संघर्ष समिति के सदस्य हैं। उनके अनुसार आढ़ती ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करेंगे। अगर सी.एम. ने नाराज आढ़तियों को बुला कर उनसे बातचीत नहीं की, उनकी मांगों को नहीं माना, तब 2024 का आगाज सब्जी मंडियां अनिश्चितकालीन हड़ताल से करेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को एडवांस मार्कीट फीस का प्रस्ताव वापस लेना ही होगा तथा इससे कुछ भी कम आढ़तियों को मंजूर नहीं है।
एसोसिएशन के वर्तमान गोहाना अध्यक्ष जयदीप कुंडू ने स्मरण करवाया कि कोरोना की पहली लहर से पहले प्रदेश की सब्जी मंडियों में कोई टैक्स नहीं था। अपनी जान का जोखिम लेते हुए घर-घर सब्जियां और फल पहुंचाने का पुण्य कमाने वाले आढ़तियों को इनाम यह दिया गया कि उन पर एक प्रतिशत मार्कीट फीस और एक प्रतिशत एच. आर. डी. एफ. थोंप दिया गया। कोरोना खत्म होने पर यह टैक्स वापस नहीं लिया गया तो अब एडवांस मार्कीट फीस को वार्षिक रूप से जमा करवाने की जिद्द है।
जयदीप कुंडू का कहना है कि एडवांस मार्कीट फीस के विरोध में हुई सांकेतिक हड़ताल में गोहाना में पुरानी सब्जी मंडी भी शामिल हुई। नई सब्जी मंडी की भांति पुरानी सब्जी मंडी में भी सन्नाटा पसरा रहा। इस हड़ताल में मासाखोर, फल-सब्जी विक्रेता दुकानदार और रेहड़ी वालों ने भी आढ़तियों का पूरा साथ दिया।
सांकेतिक हड़ताल के धरने पर बलराज गुलिया, विजय कटारिया, चंद्रमोहन मल्होत्रा, सन्नी ठकराल, बलबीर सैनी, अमित सैनी, मोनू कुंडू, गुलशन नारंग, भीम भटेजा, मदन ठकराल, मनोज मेहता, पवन सैनी, चंद्र सिंह सैनी, विकास धांधी, राकेश सिवाच आदि भी बैठे।



