छिछड़ाना के सरपंच राजेश उर्फ राजू की हत्या मामले में, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सरपंच को लगी मिली 9 गोलियां
गोहाना :-12 दिसम्बर : बरोदा थाना की पुलिस ने गांव छिछड़ाना के सरपंच राजेश उर्फ राजू का गांव खानपुर कलां स्थित बी.पी.एस. राजकीय महिला मेडिकल कालेज के अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया। उसे पेट, बाजू, कनपटी पर नौ गोलियां लगी मिली जबकि हमलावरों ने लगभग 11 फायर किए थे। दूसरी तरफ पुलिस ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं।
सरपंच राजेश के बेटे ने मंजीत ने पंचायत चुनाव की रंजिश में उसके पिता की हत्या का आरोप लगाया है। उसकी शिकायत पर चुनाव में सरपंच प्रत्याशी दलबीर फौजी के बेटों, उसके भाई राजेश उर्फ बाबा व उसके बेटों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। हमलावरों ने गांव पहुंचकर सरपंच के चचेरे भाई राजू पर भी फायरिंग की थी। राजू की शिकायत पर राजेश उर्फ बाबा के बेटे साहिल और अन्य पर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से लगभग 11 खोल बरामद किए थे जबकि सरपंच को नौ गोलियां लगी मिली। पुलिस ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की हैं, इनमें एक टीम सी.आई.ए. स्टाफ की गोहाना यूनिट और दो टीमें बरोदा थाना की हैं। ए.सी.पी. नरेंद्र खटाना ने कहा कि हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने खुलासा किया कि सोशल मीडिया पर सरपंच की हत्या की बाद जो पोस्ट वायरल हुई, उसे पहले मारे गए सरपंच पद के प्रत्याशी के भतीजे साहिल ने पोस्ट किया।
गांव छिछड़ाना में 13 माह पहले पंचायत चुनाव में सरपंच प्रत्याशी दलबीर फौजी की हत्या के बाद से ही उसके बेटों ने बदला लेने की ठान ली थी। फौजी के बेटों ने चाचा के साथ मिलकर हथियारों का जखीरा जुटाया और सोमवार को मौका मिलते ही सरपंच राजेश उर्फ राजू की गोलियां मारकर हत्या कर दी और उसके चचेरे भाई राजू पर जानलेवा हमला किया।
वारदात के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई, जिसमें दो युवकों के पास 10 पिस्टल, कई मैगजीन और कारतूस नजर आ रहे हैं। पंचायत चनाव में मतदान से दो दिन पहले 10 नवंबर 2022 को पिछड़ा वर्ग से सरपंच प्रत्याशी दलबीर फौजी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। गांव में सरपंच का पद सामान्य था।
सामान्य वर्ग से राजेश उर्फ राजू समेत तीन और पिछड़ा वर्ग से दलबीर प्रत्याशी थे। दलबीर की हत्या की वारदात में राजेश पर भी संलिप्त होने का आरोप लगा था। उन पर साजिश रचने का आरोप था, लेकिन पुलिस जांच में सबूत नहीं मिलने पर उनको केस से बाहर कर दिया था। दलबीर की हत्या के बाद उसके बेटे और भाई राजेश उर्फ बाबा ने बदला लेने की ठान ली थी। दलबीर के बेटे गांव से बाहर रहते थे और राजेश गांव में रहता था। पुलिस जांच में राजेश को क्लीन चिट मिलने पर दलबीर के परिजनों ने राजेश को ठिकाने लगाने की ठान ली थी।
इसके लिए बड़ी मात्रा में हथियार जुटाए गए। रेकी करके सरपंच राजेश की गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई । वे रोजाना की तरफ सोमवार सुबह खेत के लिए निकले तो दलबीर के बेटों और उसके भाई व उसके बेटों ने वारदात को अंजाम दिया।



