बीपीएस महिला विवि को 16 साल बाद नैक की रैंकिंग मिलते ही मिली नई पहचान
छात्राओं के लिए शिक्षा में अतिरिक्त सुविधाओं के साथ रोजगार के भी.द्वार खुले हैं, छात्राएं जहां विवि परिसर में ही नौकरियों की तैयारियां कर सकेंगी, वहीं सेना में अफसर भर्ती होने से लेकर यूपीएससी तक में जाने के उन्हें अवसर मिलेंगे।

गोहाना :- बीपीएस महिला विवि को 16 साल बाद नैक की रैंकिंग मिलते ही न केवल विवि को नई पहचान मिली है, बल्कि छात्राओं के लिए शिक्षा में अतिरिक्त सुविधाओं के साथ रोजगार के भी द्वार खुल गए हैं। इसके तहत छात्राएं जहां विवि परिसर में ही नौकरियों की तैयारियां कर सकेंगी, वहीं सेना में अफसर भर्ती होने से लेकर यूपीएससी तक में जाने के उन्हें अवसर मिलेंगे। यही नहीं आगामी शैक्षणिक सत्र से महिला विवि में नई शिक्षा नीति के तहत 16 कोर्स शुरू होंगे तो छात्राओं को तीन नए हॉस्टलों के अलावा आधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी की भी सौगात मिलेगी।
खानपुर कलां गांव में 1936 में भगत फूल सिंह द्वारा शुरू किए गए महिला गुरुकुल को वर्ष 2006 में विश्वविद्यालय (विवि) का दर्ज मिला था। ऐसे में यहां हर साल अलग-अलग विषयों के 70 से अधिक कोर्सों के लिए हर साल करीब 3000 हजार छात्राएं डिग्रियां लेकर तो निकलती हैं, लेकिन अब तक विवि को नैक से ग्रेडिंग नहीं मिली थी।
ऐसे में विवि प्रशासन ने बीते साल प्रयास किया तो नैक से बी प्लस-प्लस की ग्रेडिंग भी मिल गई। इससे विवि प्रशासन ने नई पहचान मिलने के बाद छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए तेजी से कार्य शुरू किया है। इसके लिए जहां विवि प्रशासन नई शिक्षा नीति को अगले ही शैक्षणिक सत्र से लागू करने की प्रक्रिया अपना रहा है, जिसके लिए प्राध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं अन्य प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। विवि की कुलपति प्रो. सुदेश का कहना है कि अगले शैक्षणिक सत्र से नई शिक्षा नीति के तहत 16 कोर्स शुरू कर दिए जाएंगे।
रैंकिंग से बजट में भी हुआ इजाफा तो शुरू कराए विकास कार्य
महिला विवि को नैक से ग्रेडिंग मिलने के बाद बजट में भी इजाफा हुआ है। इससे अब विवि को प्रोजेक्ट फंडिंग, यूजीसी ग्रांट, मिनिस्ट्री की ग्रांट समेत अन्य वित्तीय सहायता मिलेगी। इसी के तहत विवि प्रशासन ने नए विकास कार्य शुरू कराए हैं। इसके तहत विवि प्रशासन कंडम किए गए तीन हॉस्टलों की बिल्डिंग का निर्माण कराएगा।
इसके अलावा आधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी के निर्माण को लेकर भी प्रक्रिया शुरू करा दी है। इसमें 1000 छात्राओं के बैठने के साथ वाई-फाई व अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं अगले सत्र से ही बीएसएसी व आयुर्वेद में पीजी के कोर्स भी शुरू होंगे।
सेना से लेकर यूपीएससी तक में भेजने के लिए छात्राओं को तैयार करेगा विवि प्रशासन
विवि प्रशासन अब छात्राओं को अब मूल पढ़ाई के साथ यूपीएससी, एचपीएसी, यूजीसी व सेना में भेजने के लिए तैयार करेगा। इसके लिए विवि प्रशासन ने परिसर में यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर कंपीटिटिव एग्जामिनेशन शुरू किया है। इस सेंटर के माध्यम से विवि प्रशासन द्वारा छात्राओं को निशुल्क कोचिंग दी जाएगी।
छात्राओं का कोचिंग के लिए चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होगा, जिसके लिए विवि प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं विवि प्रशासन ने छात्राओं के लिए शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया की है। इनमें पंचकर्मा, फैशन टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री बेस समेत अन्य कोर्स शामिल हैं।
इन कोर्सों को शुरू करने से पहले विवि प्रशासन विभिन्न कंपनियों से सीधा संवाद करेगा। इसके लिए विवि में कंपनियों को अधिकारियों को आमंत्रित करके उनसे रोजगार युक्त रिक्वायरमेंट का पता करेगा। जिस कंपनी में जितनी अच्छी रिक्वायरमेंट होगी, उसी अनुसार यहां कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
• तीन नए हॉस्टलों के अलावा आधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी की भी मिलेगी सुविधा
• विश्वविद्यालय परिसर में ही सरकारी नौकरियों की तैयारी भी कर सकेंगी छात्राएं
• विवि को प्रोजेक्ट फंडिंग, यूजीसी ग्रांट, मिनिस्ट्री की ग्रांट समेत अन्य वित्तीय सहायता मिलेगी
