मुंडलाना गांव में भ्रूण की लिंग जांच : 5 पर 4 कानूनों की 15 धाराओं का शिकंजा
आरोपियों में लिंग जांच करवाने वाली महिला और उसका पति भी
गोहाना :-28 अक्तूबर : हिसार, रोहतक और सोनीपत की पी.एन.डी.टी. की संयुक्त टीम ने मुंडलाना गांव में भ्रूण की लिंग जांच के जिस मामले को उजागर किया था, उस मामले में गोहाना सदर थाने में पांच नामजद आरोपियों पर चार विभिन्न कानूनों की 15 अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
यह केस भ्रूण की लिंग जांच करवाने वाली रोहतक की गर्भवती महिला और उसके पति पर भी है। तीन जिलों की साझी टीम ने मुंडलाना गांव में भ्रूण की लिंग जांच होने का भंडाफोड़ किया। इस जांच के संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया। पर उससे वह पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन बरामद नहीं हो सकी जिस पर उसने चार महीने भ्रूण की लिंग जांच करते हुए रोहतक की सरोज सोनी और उसके पति धर्मेंद्र सोनी को बच्चे के लड़की होना दिखाया था। पुलिस ने केस भटगांव गांव की पी.एच.सी. के मेडिकल ऑफिसर की ओर से दर्ज किया है।
यह केस जिन पांच आरोपियों पर है, उनमें जांच के संचालक संदीप कुमार पुत्र धर्मपाल गांव जागसी, जांच करवाने वाली महिला सरोज सोनी पत्नी धर्मेंद्र सोनी, उसका पति धर्मेंद्र सोनी पुत्र सुरेंद्र सोनी निवासी रोहतक के साथ जागसी गांव के देव जांगड़ा और प्रवीण दुल्ल भी हैं। इनमें देव जांगड़ा पर दलाल की भूमिका निभाने का आरोप है।
दर्ज केस 2019 के नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट की धारा 34 और 54, 1860 की आई.पी.सी. की धारा 120-बी, 34, 419 और 420 भी लगाई गई हैं। इस केस में 1971 के मेडिकल टर्मीनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट की धारा 3 और 4 के साथ 1994 के दि प्रि-नटल डॉयग्नोस्टिक्स रेगुलेशन एंड प्रिवेंशन एक्ट की धारा 23, 24, 29, 3, 4, 5 और 5 लगाई गई हैं। इस तरह से यह केस चार कानूनों की कुल 15 धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिस महिला सरोज के सहयोग से पूरे मामले का खुलासा किया, उस महिला को भी केस में आरोपी बना दिया गया है। सरोज ने भ्रूण की लिंग जांच में लड़की पाए जाने पर गर्भपात करवाने से इंकार किया था जिस पर उसके ससुराल वालों ने उससे मारपीट की थी। उसके बाद 24 अक्तूबर को सरोज हिसार चली गई थी। वहां उसके सिविल अस्पताल में दाखिल रहते स्वास्थ्य विभाग को जानकारी मिली जिसके बाद पूरी कार्रवाई अंजाम में लाई गई।



