हरियाणा में पार्षदों को 12 हजार, अध्यक्षों को मिलेगा 18 हजार का मासिक मानदेय ; गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन नहीं लेंगी नए मानदेय का एक भी पैसा

गोहाना :-26 अक्तूबर : प्रदेश की नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के नगर पार्षदों और अध्यक्षों के मासिक मानदेय में वृद्धि की मांग को स्वीकार कर लिया गया है। अब नगर पार्षदों को 12 हजार रुपए तो अध्यक्षों को 18 हजार रुपए प्रति माह मिलेंगे। गुरुवार को यह जानकारी हरियाणा नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष रजनी इंद्रजीत विरमानी ने दी। वह गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन हैं। उनके अनुसार वह नए मानदेय का भी एक भी पैसा नहीं लेंगी।
रजनी इंद्रजीत विरमानी ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस समय नगर पार्षदों का मासिक मानदेय 7500 रुपए और अध्यक्षों का मानदेय 10500 रुपए है। हरियाणा नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल सी. एम. मनोहर लाल खट्टर से मिला था। तब सी.एम. ने आश्वासन दिया था कि नगर पार्षदों और अध्यक्षों का मानदेय बढ़ा दिया जाएगा।
रजनी इंद्रजीत विरमानी ने कहा कि उस वायदे को पूरा करते हुए हरियाणा सरकार ने पार्षदों का मानदेय 12 हजार रुपए और अध्यक्षों का मानदेय 18 हजार रुपए मासिक कर दिया गया है। उनके अनुसार चूं कि उपाध्यक्ष का परोक्ष चुनाव पार्षदों ने अपने में से ही किया है, ऐसे में उपाध्यक्षों को नगर पार्षदों के बराबर 12 हजार रुपए मासिक का ही मानदेय मिलेगा।
चेयरपर्सन ने कहा कि न तो वह पुराना मानदेय ले रही थीं और न ही नया मानदेय ग्रहण करेंगी। उनके अनुसार उनके लिए नगर परिषद का नमक तक हराम है। इसलिए वह न तो पुराने मानदेय का एक भी पैसा पहले ले रही थीं, न ही नए मानदेय की राशि को स्वीकार करेंगी। उन्होंने मानदेय के त्याग का निर्णय स्वेच्छा से किया है।



