संत नगर गोहाना की माया देवी दुरेजा बनीं आहुति की 983वीं नेत्रदाता ; पहले पति, जेठ और जेठानी के भी नेत्र हो चुके हैं अमर
गोहाना :-25 अक्तूबर : रक्तदान-नेत्रदान-देहदान लिए समर्पित संस्था आहुति ने बुधवार को 983 वां नेत्रदान वार्ड नंबर 8 के सत नगर निवासी माया देवी दुरेजा(80) का करवाया। उनसे पहले उनके पति, जेठ और जेठानी के भी नेत्रदान हो चुके हैं। माया देवी दुरेजा लंबे समय से अस्वस्थ थीं। उन्होंने सुबह 9:45 बजे आखिरी सांस ली। उनके नेत्रदान की पहल उनके बेटे-बहू सतपाल दुरेजा और सविता दुरेजा, गुलशन दुरेजा और गरिमा दुरेजा, बेटी-दामाद पुष्पा पत्नी स्व. देवराज, उषा और मनोहर लाल, सरोज और ओम प्रकाश तथा ममता और सुनील कुमार के साथ देवरानी सरोज दरेजा पत्नी स्व. ओम प्रकाश दुरेजा ने की । नेत्रदान के लिए आहति से सम्पर्क मृतक के पोते – रिपुल, पीयूष और किंशुक ने किया।
इस नेत्रदान में डॉ. सुरेश सेतिया, डॉ. प्रदीप कुमार और के. एल. दुरेजा की विशेष भूमिका रही। नेत्रदान स्वीकार करने के लिए दरियागंज, दिल्ली सेश्रॉफ आई बैंक से टेक्नीशियन आर. डी. शर्मा की टीम आई। आहति की टीम अध्यक्ष बंटी हंस, संस्थापक सुरेंद्र विश्वास और समन्वयक सन्नी निरंकारी पर आधारित थी। दरेजा परिवार में यह चौथा नेत्रदान है। माया देवी से पहले उनके पति देसराज दुरेजा, जेठ मनोहर लाल दुरेजा और जेठानी चरण देवी दुरेजा के भी नेत्र अमर हो चुके हैं। तीनों की मृत्यु के बाद परिजनों ने उनके भी नेत्रदान करवाए थे। माया देवी दुरेजा की रस्म क्रिया 28 अक्तूबर, शनिवार को दोपहर बाद एक बजे से दो बजे तक हंसध्वनि ऑडिटोरियम में होगी।



