आहुति के सहयोग से ड्राइंग शिक्षक के नेत्र हुए अमर, बने 982वें नेत्रदाता
गोहाना :- 20 अक्तूबर : रक्तदान-नेत्रदान-देहदान के लिए समर्पित संस्था आहुति ने शुक्रवार को अपना 982वां नेत्रदान ड्राइंग शिक्षक वीरेंद्र बिब्यान का करवाया। उनके नेत्र ग्रहण करने के लिए दरियागंज, दिल्ली के श्रॉफ आई इंस्टीट्यूट की टीम पहुंची। वीरेंद्र बिब्यान गढ़ी सराय नामदार खां गांव के रहने वाले थे। वह इसी गांव के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में नियुक्त थे।
गुरुवार की सुबह प्रार्थना सभा में उन्हें हार्ट अटैक हुआ। उसके बाद उपचार में उन्होंने दम तोड़ दिया। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया गया। उससे पहले उनका नेत्रदान हुआ। नेत्रदान के लिए पहल मृतक की मां ईशवंती, पत्नी मीना कुमारी, बेटों – विवेक और आशीष ने की । बिब्यान परिवार की ओर से आहुति से नेत्रदान का आग्रह सुरेश कुमार ने किया जो मृतक के मौसा थे। श्रॉफ इंस्टीट्यूट से आर. डी. शर्मा की टीम आई। आहुति की टीम धीरज चावला, सन्नी निरंकारी और सुरेंद्र विश्वास थे।
गढ़ी सराय नामदार खां गांव का श्मशानघाट गढ़ी
उजाले खां गांव के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के निकट है। दाह संस्कार के समय ही बाल रामलीला का मंचन था । प्रिंसिपल सुशील बंसल ने वीरेंद्र बिब्यान के निधन के शोक में शुक्रवार को रामलीला का मंचन स्थगित कर दिया।



