
गोहाना :- 14 अक्तूबर : अग्रकुल के जो 18 गोत्र हैं, उनमें से प्रत्येक गोत्र किसी ऋषि के नाम पर आधारित है। इन गोत्रों की स्थापना महाराजा अग्रसेन ने की। यह टिप्पणी शनिवार को गुढ़ा रोड पर स्थित गीता विद्या मंदिर में इस स्कूल के प्रिंसिपल अश्विनी कुमार ने की।
अश्विनी कुमार महाराजा अग्रसेन की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य संबोधन कर रहे थे। जयंती कार्यक्रम के लिए मार्गदर्शन स्कूल के अध्यक्ष परमानंद् लोहिया और मैनेजर सुरेंद्र गर्ग का रहा। महाराजा अग्रसेन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कक्षा 9 की छात्रा खुशी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंत और कलियुग के प्रारंभ में हुआ। उनका जन्म अश्विन शुक्ल प्रतिपदा को हुआ। वह पौराणिक कर्मयोगी, लोकनायक और समाजवाद के प्रणेता थे। उनका एक रुपया एक ईंट का सिद्धांत युग-युगांतर से समाज का दिग्दर्शक है और सदैव रहेगा।
प्रिंसिपल अश्विनी कुमार ने सड़क यातायात के नियमों से भी अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा अपने हाथ है।



