आहुति ने पति और बेटे के बाद दर्शना मल्होत्रा के नेत्र भी कराये अमर
गोहाना :- 13 अक्तूबर : पहले पति के नेत्र अमर हुए, फिर बेटे के दोनों के बाद मल्होत्रा परिवार ने दर्शना मल्होत्रा के स्वर्गवास पर उनके नेत्रों का भी दान करवाया। वह शुक्रवार को रक्तदान- नेत्रदान-देहदान के लिए समर्पित संस्था आहुति की 981वीं नेत्रदाता बनीं। उनका नेत्रदान स्वीकार करने के लिए करनाल के माधव नेत्र बैंक की टीम पहुंची। 67 साल की दर्शना मल्होत्रा लंबे समय से बीमार थीं। जब उन्होंने आखिरी सांस ली, उनके नेत्रदान की पहल उनके बेटे राजन मल्होत्रा और बह बिंद मल्होत्रा के साथ बेटी वंदना ग्रोवर और दामाद साहिल ग्रोवर ने की। मल्होत्रा परिवार की ओर से आहुति से नेत्रदान का आग्रह राज कुमार दुआ और सुनील कपूर ने किया। करनाल के माधव नेत्र बैंक से राज कुमार अरोड़ा और अनु मदान की टीम पहुंची।
आहुति की अपनी टीम राजेश बुद्धिराजा, संजय पोपली और गुलशन बजाज पर आधारित थी।दर्शना मल्होत्रा से पहले 12 नवंबर 2006 को उनके पति राजेंद्र मल्होत्रा तथा 30 जनवरी 2020 को बेटे अमित मल्होत्रा के निधन होने पर उनके भी नेत्रदान करवाए गए थे।



