उपमंडल के किसानों को डीएपी खाद की किल्लत ;सरकारी खाद वितरण केंद्रों पर खाद का कम है स्टॉक, किसानों को खाद लेने के लिए तीन से चार घंटे लाइनों में लगना पड़ रहा है।
गोहाना :- गेहूं की बिजाई के दौरान उपमंडल के किसानों को डीएपी खाद की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। किसानों के लिए सरकारी खाद्य वितरण केंद्रों पर खाद का स्टॉक कम है, जबकि 1.5 लाख बैग की जरुरत है। हालात यह हैं कि किसान सुबह 6 बजे से ही खाद लेने पहुंचे रहे हैं। उन्हें खाद लेने के लिए तीन से चार घंटे लाइनों में लगना पड़ रहा है। क्षेत्र में धान की कटाई का काम चला हुआ है। धान की कटाई होने के बाद किसान गेहूं की बिजाई की तैयारियों में लग जाते हैं। गेहूं की बिजाई का कार्य नवंबर में शुरू होता है।
कृषि अधिकारियों के अनुसार इस बार करीब 1.50 लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई होगी। गेहूं बिजाई के दौरान बीज के अंकुरण के लिए किसान डीएपी खाद डालते हैं। इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ एक बैग डीएपी खाद के बैग की आवश्यकता होती है। गेहूं की बिजाई से पहले ही किसानों ने डीएपी खाद की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। किसान खाद लेने के लिए सुबह से ही खाद वितरण केंद्रों के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं। खाद बांटने का कार्य 9 के बाद शुरू होता है। ऐसे में किसानों को कई घंटे तक तो खाद बांटने का कार्य शुरू होने का इंतजार करना पड़ता है। वही स्टॉक सीमित होने के कारण कुछ किसानों को बिना खाद के ही वापस लौटना पड़ता है।
किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए उपमंडल में 14 खाद वितरण केंद्र हैं। इनमें 10 पैक्स, दो सोसाइटी और एक ईफको और एक कृभको सेंटर है। इन सेंटरों पर फसल सीजन के अनुसार खाद का स्टॉक भेजा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वितरण केंद्रों पर खाद का पर्याप्त स्टॉक पहुंचेगा। 10 बजे शुरू हुआ खाद बांटने का कार्य : नहीं अनाज मंडी में किसानों के लिए सरकारी खाद और बीज वितरण केंद्र बना हुआ है। खाद लेने के लिए किसान सुबह जल्दी ही वितरण केंद्र के बाहर एकत्रित हो गए थे। वितरण केंद्र में डीएपी खाद के 688 बैग पहुंचे थे। वितरण केंद्र में खाद बांटने का कार्य सुबह 10 शुरू हुआ। किसानों को कई घंटे तक बाहर इंतजार करना पड़ा।


