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भारत में 10 साल में 27 करोड़ लोग उठे हैं गरीबी रेखा से ऊपर : डॉ. कोठारी

गोहाना :- 7 अक्तूबर बी.पी.एस. महिलाविश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास केंद्र एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के संयुक्त तत्वाधान में सतत विकास एवं वैश्विक मुद्दे विषय पर एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता वी.सी. प्रो. सुदेश ने की। मुख्य अतिथि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी थे। एसोसिएशन ऑफ़ इंडियन यूनिवर्सिटीज की सचिव और महिला
विश्वविद्यालय की पूर्व वी. सी. डॉ पंकज मित्तल, इंडियन कौंसिल ऑफ़ सोशल साइंसेज एंड रिसर्च की उप निदेशक डॉ ऋचा शर्मा तथा गुरु घासी दास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के वी. सी. प्रो आलोक चक्रवाल विशिष्ट अतिथि रहे।

डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं, यह भारत की उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि केवल नौकरी से ही सतत विकास संभव नहीं है, हर व्यक्ति जब अपने पैरों पर खड़ा होगा जब विकास संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल आधारित है जिसका समस्त विश्व में सतत विकास की दिशा में परिकल्पना के रूप में देखा जाता है। भारतीयता व भारतीय ज्ञान परम्परा की बात राष्ट्रीय शिक्षा नीति में की गई है।

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उन्होंने कहा कि पी.एम. का लोकल से वोकल का संकल्प हाथ को काम देना है। रोजगार के नए आयाम स्थापित हो रहे है। अगर खाने को व्यर्थ न किया जाए तो देश में कोई भी भूखा नहीं सो सकता । उन्होंने कहा कि प्रकृति आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, महत्वाकांक्षाओं की नहीं। डॉ ऋचा शर्मा ने कहा कि अपनी विरासत को जानें और उस पर गर्व करें। प्रो आलोक चक्रवाल ने कहा कि पर्यावरण को सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि अगर सतत विकास करना है तो 16 साल आयु वर्ग से ऊपर के हर आदमी को काम करना चाहिए। समय का सदुपयोग करें स्वावलंबी बनें। डॉ पंकज मित्तल ने कहा कि यदि सभी विद्यार्थी सतत विकास के उद्देश्य को पूरा करने में भागीदार बनें तो भारत को 112 रैंकिंग से 12 रैंकिंग पर आने से कोई नहीं रोक सकता।

वी. सी. प्रो सुदेश ने कहा कि सतत विकास का मंत्र ग्रंथों की देन है। संगोष्ठी में महिला विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. नीलम मलिक भी उपस्थित रहीं। संगोष्ठी की आयोजक डॉ. शेफाली ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के 168 प्रतिभागी भाग ले रहे है। इस अवसर पर होटल प्रबंधन विभाग के प्रभारी डॉ पंकज मिश्रा द्वारा लिखित हरियाणवी व्यंजन पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

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