1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक जिला में मनाया जाएगा सडक़ सुरक्षा माह-उपायुक्त सुशील सारवान
-सडक़ सुरक्षा माह के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को सडक़ नियमों का पालन करने के लिए किया जाएगा जागरूक

सोनीपत, 31 दिसंबर। उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि भारत में सडक़ सुरक्षा एक गंभीर और संवेदनशील विषय है। सडक़ नेटवर्क के तीव्र विस्तार, वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि तथा औसत गति बढऩे के कारण देश में होने वाले सडक़ दुर्घटनाओं रोकने के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सडक़ दुर्घटनाओं से न केवल जनहानि होती है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विश्व बैंक के एक अध्ययन के अनुसार वर्ष 2019 में सडक़ दुर्घटनाओं के कारण भारत की जीडीपी में लगभग 3.14 प्रतिशत की हानि हुई।
उपायुक्त ने बताया कि इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सडक़ सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा विगत 37 वर्षों से राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा सप्ताह/माह का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में 1 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि को राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह-2026 के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सडक़ दुर्घटनाओं में सर्वाधिक प्रभावित युवा वर्ग (35 वर्ष तक) को विशेष रूप से लक्षित किया गया है। युवाओं में जागरूकता बढ़ाने हेतु ‘माय भारत’ पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक सडक़ सुरक्षा शिक्षा मॉड्यूल, ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी, प्रतियोगिताएं एवं ऑनलाइन प्रमाणन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विभिन्न हितधारकों द्वारा महिनेभर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई है।
उपायुक्त ने बताया कि राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह-2026 के दौरान जिला प्रशासन, यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा सडक़ सुरक्षा स्वयंसेवकों की पहचान व प्रशिक्षण, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सडक़ सुरक्षा शपथ, कार्यशालाएं, नाटक/नुक्कड़ नाटक, हेलमेट एवं सीट बेल्ट अनुपालन हेतु विशेष प्रवर्तन अभियान, मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त निगरानी, ट्रकों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव शीट की जांच, तथा यातायात नियमों, आपातकालीन देखभाल एवं ‘गुड समैरिटन’ नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित कर दुर्घटना संभावित व खतरनाक स्थलों की पहचान, दुर्घटना आंकड़ों की समीक्षा, ई-डीएआर पर डेटा प्रविष्टि तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रभावी रणनीतियां तैयार की जाएंगी। स्थानीय समाचार पत्रों, रेडियो, टेलीविजन एवं सोशल मीडिया के माध्यम से भी सडक़ सुरक्षा से जुड़े संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
उन्होंने जिलावासियों का आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा माह-2026 को पूर्ण भावना से मनाएं, यातायात नियमों का पालन करें तथा सुरक्षित सडक़ें, सुरक्षित जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं। सडक़ सुरक्षा के प्रति सामूहिक प्रयास ही दुर्घटनाओं और जनहानि को कम करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।



