“शहीद जवानों की शहादत एवं वीरगति को कभी भुलाया नहीं जा सकता” — ममता सिंह, पुलिस आयुक्त सोनीपत
जिला पुलिस लाइन, सोनीपत में हर वर्ष की भांति 21 अक्टूबर को पुलिस शहीदी स्मृति दिवस एवं पुलिस झंडा दिवस मनाया गया


जिला सोनीपत के 14 वीर सपूतों ने कर्तव्य पालन के दौरान दी शहादत — पाया अमर शहीद का दर्जा
एक वर्ष में देशभर के 191 पुलिस जवानों ने दी देश सेवा में अपने प्राणों की आहुति-
सोनीपत, (अनिल जिंदल) 21 अक्टूबर। जिला पुलिस लाइन सोनीपत में आज पुलिस शहीदी स्मृति दिवस एवं पुलिस झंडा दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह, IPS (ADGP) ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई। इसके उपरांत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक-दूसरे की वर्दी पर पुलिस झंडा लगाकर “पुलिस झंडा दिवस” मनाया। इस अवसर पर सभी ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि —
> “देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद पुलिसकर्मियों से हमें सदैव प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में कर्तव्य पालन से पीछे नहीं हटेंगे — चाहे इसके लिए हमें अपने प्राणों की आहुति क्यों न देनी पड़े।”
उन्होंने बताया कि पुलिस स्मृति दिवस 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सेना से हुई मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त 10 पुलिसकर्मियों की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिन पुलिस बल के साहस, समर्पण और बलिदान की भावना का प्रतीक है।
जिला सोनीपत के वीर शहीद सपूतों की गौरव गाथा
सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अजीत सिंह ने बताया कि सोनीपत जिले के निम्न 14 पुलिस कर्मियों ने अपने कर्तव्य पालन के दौरान देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया:
1. स्व. सिपाही नारायण सिंह (नं. 137/करनाल) — 31 मई 1992, मतौली (पटियाला) में रेड के दौरान आतंकवादियों से मुठभेड़ में वीरगति।
2. स्व. सिपाही अशोक कुमार (नं. 34/सोनीपत) — 6 नवम्बर 1999, सोनीपत में आग लगी दुकान से लोगों की जान बचाते हुए शहीद।
3. स्व. सिपाही रणबीर (नं. 4/416) — 3 जून 2000, गुड़गांव में अपराधियों से मुठभेड़ में वीरगति।
4. स्व. सिपाही सुभाष (नं. 477/झज्जर) — 3 सितम्बर 2001, बहादुरगढ़ कोर्ट के पास गोलीबारी में शहीद।
5. स्व. सिपाही शेर सिंह (नं. 94/सोनीपत) — 30 मार्च 2003, नहर पुलिया सोनीपत पर नाकाबंदी के दौरान मुठभेड़ में शहीद।
6. स्व. यू.जी.सी. रामलखन (नं. 835/सोनीपत) — 20 अप्रैल 2005, कथूरा के पास गश्त के दौरान अपराधियों से मुठभेड़ में वीरगति।
7. स्व. यू.जी.सी. रणधीर सिंह (नं. 918/सोनीपत) — 20 अप्रैल 2005, महम रोड, कथूरा में अपराधियों से मुठभेड़ में वीरगति।
8. स्व. ए.एस.आई. प्रदीप कुमार (नं. 20/सोनीपत) — 21 अगस्त 2015, गोहाना रोड, गढ़ी सराय नामदारखां में बदमाशों से मुठभेड़ में वीरगति।
9. स्व. एच.सी. यशपाल (नं. 2/92 IRB) — 17 मार्च 2019, खरखौदा रोड पर अपराधी को पकड़ते समय सड़क दुर्घटना में वीरगति।
10. स्व. सिपाही रविन्द्र (नं. 567/सोनीपत) — 30 जून 2020, बुटाना (जींद रोड) पर अपराधी द्वारा चाकू से हमला करने पर वीरगति।
11. स्व. एस.पी.ओ. कप्तान (नं. 213/सोनीपत) — 30 जून 2020, बुटाना (जींद रोड) पर अपराधी से मुठभेड़ में वीरगति।
12. स्व. सिपाही संदीप कुमार (नं. 1720/फरीदाबाद) — 30 सितम्बर 2021, हरिद्वार में अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद।
13. स्व. मुख्य सिपाही राज सिंह (नं. 06/रोहतक) — 11 जून 2003, रोहतक अदालत परिसर में कैदी पेशी के दौरान गोलीबारी में शहीद।
14. स्व. सिपाही ताराचंद (नं. 1165/अंबाला) — 12 अप्रैल 1989, अंबाला कोर्ट परिसर में उग्रवादियों से मुठभेड़ में वीरगति।
इस अवसर पर सहायक पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अजीत सिंह द्वारा वर्ष 2024–25 के दौरान देशभर में शहीद हुए 191 पुलिस जवानों के नाम पढ़े गए। सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं पूर्वी जोन प्रबीना पी., पुलिस उपायुक्त क्राइम नरेंद्र कादयान, पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जोन कुशल पाल सिंह, पुलिस उपायुक्त गोहाना भारती डबास सहित सभी सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, क्राइम यूनिट इंचार्ज एवं बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी उपस्थित रहे।
अंत में पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए कहा कि —
> “सोनीपत पुलिस प्रशासन सदैव शहीद परिवारों के साथ है। उनके बलिदान ने पुलिस विभाग को गर्व और प्रेरणा से भर दिया है।”
शहीद परिवारों ने भी गर्वपूर्वक कहा कि उन्हें अपने परिजनों की शहादत पर दुख नहीं, बल्कि यह गर्व है कि उनके सपूतों ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर किए।

