हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल थे अशफाक उल्ला खान:आजाद डांगी
गोहाना : 22 अक्टूबर : गोहाना के पुराने तहसील रोड स्थित लोहार मार्केट में अशफाक उल्ला खान की 124 वी जयंती आजाद हिन्द देश भगत मोर्चे के सानिध्य में लोहार मार्केट के दुकानदारों ने मिलकर मनाई | जिसमें मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा आजादी के लिए हंसते-हंसते प्राण न्योछावर करने वाले अशफाक हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल थे | उनका जन्म 22 अक्टूबर सन 1900 को उत्तर प्रदेश के शहीदगढ़ शाहजहांपुर मे हुआ | अशफाक उल्ला खान एक ऐसे पहले मुस्लिम थे जिन्हें षड्यंत्र के मामले में फांसी की सजा हुई थी | उनका हृदय बड़ा विशाल और विचार उदार थे हिंदू मुस्लिम एकता से संबंधित संकीर्णता भरे भाव उनके हृदय में कभी नहीं आ पाए सब के साथ समान व्यवहार करना उनका शहज स्वभाव था |
जयंती समारोह की अध्यक्षता लोहार मार्केट प्रमुख लोहार रईसुउद्दीन खान ने की तथा उन्होंने कहा अशफाक उल्ला खान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख क्रांतिकारी थे रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान की बहुत गहरी दोस्ती थी और वे दोनों उर्दू भाषा के महान शायर भी थे | काकोरी कांड में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के कारण ब्रिटिश शासन ने 19 दिसंबर 1927 में फैजाबाद जेल में फांसी पर चढ़ा दिया गया |
इस मौके पर शेर सिंह, गुलाब, सतबीर पोडिया,बलवान सिंह, कृष्ण लाल, अली मोहम्मद, सुनील ,नफीस, मदन अत्री तथा नूर हसन आदि मुख्य तौर से उपस्थित रहे |



