भैंसवान खुर्द गांव में सोमवार को ग्रामीणों की पंचायत हुई। इसकी अध्यक्षता रामफल चेयरमैन ने की, जबकि संचालन सरपंच सुनील कुमार नसीर ने किया। इस दौरान उन्होंने गांव में शराब के ठेके को लेकर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव में शराब का ठेका खोलने के लिए कोई भी जमीन व दुकान नहीं देगा।
सरपंच सुनील कुमार ने बताया कि गांव में दो शराब के ठेके थे। एक ठेका गांव से बाहर माहरा रोड पर खुला हुआ है, जबकि दूसरा गांव के अंदर मदिर और श्मशान भूमि के पास खुला था। इसको लेकर ग्रामीण विरोध करते आ रहे थे। इस पर पंचायत ने शराब का ठेका मंदिर व श्मशान भूमि के पास से बंद कराने के लिए गत 28 फरवरी को रेज्युलेशन किया था। इसके साथ ही बीडीपीओ के साथ आबकारी विभाग के जिला अधिकारी को पत्र लिखा था। उसके बाद बीते महीने शराब के ठेके को बंद करा दिया था।
अब फिर चार दिन पहले यहां शराब का ठेका खोलने की विभाग ने मंजूरी दे दी, जिसके बाद ठेकेदार दुकान में सामान रखने भी आया था। इस पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया और दुकानदार ने भी सामान न रखवाने से मना कर दिया। इसी को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत करके फैसला लिया है कि अब गांव में शराब का ठेका खोलने के लिए कोई भी ग्रामीण न तो जमीन देगा और न दुकान किराए पर देगा। गांव में किसी भी हालत में शराब का ठेका नहीं खुलने दिया जाएगा।



