लो-लाइन एरिया के खेतों की पहचान कर पानी निकासी के लिए नई ड्रेन खोदने और भूमिगत पाइप लाइनें दबाने की है योजना
गोहाना :-6 अप्रेल : सिंचाई विभाग बरसात सीजन में उपमंडल के खेतों में जलभराव का दायरा कम कम करेगा। इसके लिए अधिकारियों ने लो-लाइन एरिया के गांवों के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया है। लो-लाइन एरिया के खेतों को चिह्नित कर पानी निकासी के लिए नई ड्रेन खोदने और भूमिगत पाइप लाइनें दबाने की योजना है। विभाग प्रोजेक्ट पर करीब 40 करोड़ रुपए खर्च करेगा। प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू करने के लिए अधिकारियों ने इलेक्शन कमीशन से मंजूरी मांगी है।
मानसून सीजन के दौरान अब की बार क्षेत्र में अधिक बरसात हुई थी। बरसात से उपमंडल के करीब 20 हजार एकड़ में जलभराव हो गया था। हालांकि पानी निकासी के लिए विभाग की तरफ से व्यापक प्रबंध किए गए, लेकिन अधिक जलभराव के कारण पानी की निकासी में अधिक समय लग गया। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जलभराव से उपमंडल में हजारों एकड़ में धान, गन्ना, जवार, कपास आदि फसलों पर असर पड़ा था। बरसात सीजन में खेतों में प्रत्येक बरसात सीजन में होने वाले जलभराव से निपटने के लिए अधिकारियों ने मास्टर प्लान तैयार किया है। अधिकारियों के अनुसार खेतों से पानी की निकासी तेजी से कराने के लिए नई ड्रेन खोदने और भूमिगत पाइप लाइनें दबाने का प्रपोजल तैयार किया जाएगा।
तीन चरणों में होगा प्रोजेक्ट पर कार्य सिंचाई विभाग के अधिकारियों से खेतों से पानी की निकासी के लिए जो प्रोजेक्ट तैयार किया है, उस पर तीन चरणों में कार्य होगा। प्रथम चरण में शॉर्ट प्रोजेक्ट पर कार्य होगा। यह प्रोजेक्ट एक वर्ष में पूरा करना है। इसके अंतर्गत रभड़ा, पुठी, मोई हुड्डा गांवों के खेतों में पाइप लाइनें दबाई जांएगी। दूसरे चरण में मीडियम प्रोजेक्ट तैयार किया गया है, जिसे दो वर्षों में पूरा किया जाना है। इसके अंतर्गत रूखी, छिछड़ाना, मुंडलाना गांव के खेतों से पानी निकासी की व्यवस्था की जाएगी। वहीं तृतीय चरण के प्रोजेक्ट को तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा। इसके तहत ड्रेनों में पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के कार्य शामिल हैं।
पानी की निकासी करने का प्रोजेक्ट
^ बरसात सीजन के दौरान उपमंडल में करीब 20 हजार एकड़ में जलभराव हुआ था। इस बार जलभराव के दायरे को कम करने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाने के लिए टेंडर प्रक्रिया आचार संहिता लगने से पहले ही पूर्ण कर ली गई थी। अब प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू करने के लिए इलेक्शन कमीशन से मंजूरी मांगी है। मंजूरी आने के बाद कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट पूरे होने पर किसानों को खेतों में लंबे समय तक जलभराव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
– अक्षय कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग, गोहाना



