गोहाना में किसानों के अनिश्चितकालीन धरने के दो महीने पूरे होने पर भाकियू ने किया ऐलान, 12 प्रतिशत ब्याज के साथ मांगा मुआवजा
64 गांवों के 2437 किसानों का है 5 करोड़ का मुआवजा देय
गोहाना, 29 मार्च : भारतीय किसान यूनियन शहर के लघु सचिवालय में सोनीपत का जिला स्तरीय धरना दे रही है। शुक्रवार को इस धरने के दो महीने पूरे हो गए। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने दावा किया कि 64 गांवों के 2437 किसानों का 5 करोड़ रुपए का मुआवजा देय है। उन्होंने इस मुआवजे के साथ 12 प्रतिशत ब्याज की मांग की।
नरवाल ने कहा कि जब तक किसानों को सूद समेत मुआवजा नहीं मिल जाएगा तथा सरकार रिलायंस बीमा कम्पनी पर किसानों से धोखाधड़ी का केस दर्ज नहीं करवा देगी, तब तक धरना नियमित रूप से जारी रहेगा।
गोहाना के लघु सचिवालय में भाकियू ने ठीक दो महीने पहले 29 जनवरी को बेमियादी धरना प्रारंभ किया था। किसानों का आरोप है कि जब खराब फसलों के मुआवजे के भुगतान का वक्त आया, तब रिलायंस बीमा कम्पनी ने छलपूर्वक किसानों की बीमा पॉलिसियां ही रद्द कर दीं तथा केवल प्रीमियम की रकम लौटा कर अपना पीछा छुड़वा लिया। जिन किसानों का नुकसान नहीं हुआ, उनके प्रीमियम के साथ कम्पनी राज्य और केंद्र सरकारों की सब्सिडी भी डकार गई।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि रिलायंस कम्पनी ने पॉलिसियां निश्चित समय सीमा बीत जाने के बाद अवैध रूप से रद्द कीं। इस के खिलाफ जिला स्तर पर किसान केस जीत चुके हैं। रिलायंस ने राज्य स्तर पर चुनौती दी। उस का फैसला एक महीने में करना था। लेकिन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी एक साल से ज्यादा समय से फाइल को दबाए बैठे हैं।
अधिकारी खुल कर कम्पनी को संरक्षण दे रहे हैं तथा किसानों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं।
सत्यवान नरवाल ने कहा कि सोनीपत जिले के 64 गांवों का मुआवजा लंबित है। खरीफ के 2021 सीजन के 201, रबी के 2021 और 2022 के 484 जब कि खरीफ 2022 के 1752 किसानों का 5 करोड़ रुपए का मुआवजा बनता है। किसानों से उनके कर्ज पर सरकार 12 प्रतिशत ब्याज वसूलती है तो सरकार को भी किसानों को उनके बकाया मुआवजे पर 12 प्रतिशत ब्याज के साथ ही मुआवजा चुकाना चाहिए। धरने पर महावीर नरवाल, राजमल रुखी, रमेश मदीना, रिछपाल आहुलाना, शमशेर भैंसवाल कलां आदि भी बैठे।



