सोनीपत भाकियू की जिला कार्यकारिणी ने किया फैसला : खराब फसलों के मुआवजे के लिए 45 दिन से चल रहा धरना-आचार संहिता लगने तक केवल गोहाना में ही चलेगा
गोहाना :-13 मार्च: जब तक लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू नहीं हो जाएगी, तब तक गोहाना के लघु सचिवालय में ही किसानों का अनिश्चितकालीन धरना
चलता रहेगा और इस धरने को फिलहाल बाकी के पांच विधानसभा क्षेत्रों में प्रारंभ नहीं किया जाएगा।
बुधवार को यह निर्णय धरना स्थल पर सोनीपत भाकियू की जिला स्तर की बैठक में किया गया। इसी बैठक में गुरुवार को रामलीला मैदान की रैली के लिए होने वाले दिल्ली कूच में भी बढ़-चढ़ का भाग लेने का निश्चय किया गया।
किसान अपनी खराब फसलों का ब्याज समेत मुआवजा चाहते हैं। इस के लिए वे 29 जनवरी से शहर के लघु सचिवालय में सोनीपत जिले का जिला स्तर का धरना संचालित कर रहे हैं। किसान रिलायंस बीमा कम्पनी पर केस भी दर्ज करवाना चाहते हैं जिसने मुआवजे की पेमेंट से बचने के लिए किसानों की बीमा पॉलिसियां ही रद्द कर दीं।
पहले प्रस्ताव यह था कि सरकार पर दबाव बढ़ाने के लिए जिले के पांच अन्य विधानसभा क्षेत्रों-सोनीपत, गन्नौर, खरखौदा, राई और बरोदा में भी अलग से धरने शुरु कर दिए जाएं। लेकिन लोकसभा चुनावों की जल्दी संभावित घोषणा और उसके साथ लगने वाली आचार संहिता पर गंभीरता से मंथन करते हुए यह तय किया गया कि आचार संहिता प्रभावी होने तक धरना जारी रखा जाएगा तथा यह धरना केवल गोहाना तक सीमित रहेगा।
बैठक की अध्यक्षता सोनीपत भाकियू के जिला अध्यक्ष अशोक लठवाल ने की। बैठक में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल भी पहुंचे। नरवाल के अनुसार गुरुवार के दिल्ली कूच के लिए किसान अपने साथ दो से तीन व्यक्तियों का लंगर और पानी ले कर पहुंचेंगे।
बैठक में वीरेंद्र पहल, कृष्ण मलिक, जगमेंद्र कालीरमण, बिजेंद्र दलाल, रोहतास बैनीवाल, जय सिंह दहिया, बिजेंद्र मलिक, राम किशन मलिक आदि भी पहुंचे।



