बजट सत्र में बुटाना की जनता संस्थाओं के यूनिवर्सिटी न बनने से इलाके में मायूसी
गोहाना :-5 मार्च: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में बुटाना गांव की जनता संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बनाने का एक्ट पेश नहीं हो सका। इससे इन संस्थाओं को यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने का मुद्दा फिलहाल अटक गया लगता है। इससे पूरे इलाके में जबरदस्त मायूसी है।
बुटाना गांव में जनता संस्थाओं की स्थापना देश के स्वाधीन होने के तुरंत बाद हुई थी। ये संस्थाएं करीब 75 साल से इलाके की भरपूर सेवा कर रही हैं।
3 नवंबर 2020 को जब बरोदा हलके का उप चुनाव हुआ, उससे पहले 25 सितंबर को राज्य सरकार ने इन संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया था।
बीच में तीन साल से ज्यादा का अरसा बीत गया। पुनः चुनाव निकट होने पर भाजपा-जजपा गठबंधन एकाएक हरकत में आया।
डीक्रस्ट के पूर्व वी.सी. प्रो. राजेंद्र अनायत को 22 दिसंबर 2023 को जनता संस्थाओं को टेकओवर करने के लिए ओ.एस.डी. नियुक्त किया गया।
जनता संस्थाओं का संचालन इस समय जनता विद्या भवन कर रहा है। जनता विद्या भवन के अध्यक्ष सतपाल सांगवान बताते हैं कि दो दस्तावेज मांगे गए थे। एक दस्तावेज स्टाफ स्टेटमेंट और दूसरा दस्तावेज महासभा के प्रस्ताव का था। 10 जनवरी 2024 को महासभा की बैठक में यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया था।
बार-बार दावा किया जा रहा था कि जनता संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बनाने का एक्ट तैयार हो चुका है और उसे बजट सत्र में विधानसभा से पारित करवा लिया जाएगा।
जब तक बजट सत्र चला, न केवल बुटाना अपितु बरोदा हलके समेत समूचा गोहाना क्षेत्र दम साधे उस पल की प्रतीक्षा करता रहा कि कब यूनिवर्सिटी बनने की सूचना आएगी।
विधानसभा के बजट सत्र में जनता संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बनाए जाने का एक्ट क्यों प्रस्तुत और पारित नहीं हुआ, कारण स्पष्ट नहीं है।
लेकिन जब तक हरियाणा विधानसभा का आगामी सत्र नहीं होगा, तब तक के लिए इन संस्थाओं को यूनिवर्सिटी बनाने का मामला लटका रहेगा।
जनता विद्या भवन के अध्यक्ष सतपाल सांगवान के अनुसार ओ. एस. डी. प्रो. राजेंद्र अनायत की अध्यक्षता में चार सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी को 4 मार्च को इन संस्थाओं का दौरा करना था। लेकिन कमेटी नहीं आई ।
अब कमेटी का प्रस्तावित दौरा कब होगा, अभी यह निश्चित और सूचित नहीं हुआ है।



