गोहाना में 26 दिन से धरने पर बैठे किसानों ने संघर्ष तेज करने की दी धमकी
गोहाना :- 23 फरवरी शहर के लघु सचिवालय में 26 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों के सब्र का पैमाना छलकने लगा है। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने शुक्रवार को कहा कि अपनी सुनवाई न होने से नाराज किसान अपने संघर्ष को जल्दी तेज कर सकते हैं।
लघु सचिवालय का धरना सोनीपत जिले का जिला स्तरीय धरना है। किसान रिलायंस बीमा कम्पनी पर केस दर्ज करने तथा उनकी खराब हुई फसलों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसान 29 जनवरी से धरना दे रहे हैं। वे मुआवजा मिलने तक धरने को जारी रखने का ऐलान पहले ही कर चुके हैं।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष नरवाल ने कहा कि रिलायंस ने किसानों से बहुत बड़ा धोखा किया है। खराब हुई फसलों का जब मुआवजा देने का समय आया, इस कम्पनी ने किसानों की पॉलिसी ही रद्द कर उनका प्रीमियम भर वापस लौटा दिया। यह अवैध कार्रवाई समय सीमा बीत जाने के बाद केवल मुआवजे से बचने के लिए की गई।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने प्रदेश के कृषि सलाहकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि सलाहकार रिलायंस कम्पनी को बचाने की बड़ी बेशर्मी से कोशिश कर रहे हैं।
किसान जिला स्तर पर जीत चुके हैं। रिलायंस ने राज्य स्तर पर चुनौती दे रखी है। फैसला एक महीने में होना है, पर साल से ज्यादा वक्त निकल गया। भाकियू नेता ने कहा कि रिलायंस कम्पनी में सरकार का कोई खौफ नहीं है। सरकार ने पंचकूला में दोनों पक्षों को बुलाया। किसान पहुंच गए, लेकिन रिलायंस कम्पनी काँ कोई प्रतिनिधि अपना पक्ष प्रस्तुत करने वहां नहीं आया।
इस अवसर पर भगत सिंह, संदीप मलिक, राम किशन मलिक, पाले राम, जगमेंद्र कालीरामण, राजमल रुखी, अशोक रुखी, भलेराम नरवाल, सतीश नरवाल, सोनू नरवाल, शीलू न्यात आदि भी धरने पर मौजूद रहे।


